रवींद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में रचा इतिहास, कपिल देव और इयान बॉथम जैसे दिग्गजों को छोड़ा पीछे

रवींद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में रचा इतिहास, कपिल देव और इयान बॉथम जैसे दिग्गजों को छोड़ा पीछे

जडेजा यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के दूसरे क्रिकेटर भी बन गए हैं

Ravindra Jadeja (Image credit Twitter - X)
Ravindra Jadeja (Image credit Twitter – X)

भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने 17 अगस्त 2026 को टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान जडेजा ने 350 टेस्ट विकेट पूरे कर लिए। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में 4,000 रन और 350 विकेट का खास डबल पूरा करने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे ऑलराउंडर बन गए हैं।

जडेजा से पहले यह उपलब्धि इयान बॉथम, कपिल देव और डेनियल विटोरी हासिल कर चुके हैं। हालांकि, जडेजा ने इस मामले में इन तीनों दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने यह उपलब्धि 100 से कम टेस्ट मैचों में हासिल की है, जबकि इस क्लब में शामिल बाकी किसी खिलाड़ी ने इतनी जल्दी यह मुकाम नहीं छुआ था।

केशरा नुवान्था को आउट कर हासिल किया मुकाम

जडेजा ने श्रीलंका की पारी के दौरान केशरा नुवान्था को आउट करके अपना 350वां टेस्ट विकेट हासिल किया। इसी मुकाबले में उन्होंने इससे पहले धनंजय डी सिल्वा का विकेट भी अपने नाम किया था। इससे पहले बल्ले से जडेजा का योगदान इस दिन ज्यादा बड़ा नहीं रहा। भारतीय पारी में उन्होंने 13 रन बनाए, लेकिन गेंदबाजी में उनके प्रदर्शन ने उन्हें इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया।

350 टेस्ट विकेट पूरे करने के साथ जडेजा ऐसा करने वाले भारत के सिर्फ पांचवें गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले अनिल कुंबले, कपिल देव, रविचंद्रन अश्विन और हरभजन सिंह जैसे भारतीय गेंदबाज यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा जडेजा 4,000 से ज्यादा टेस्ट रन और 350 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर भी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिर्फ कपिल देव के नाम था।

कपिल, बॉथम और विटोरी से तुलना

कपिल देव ने अपने टेस्ट करियर में 5,248 रन और 434 विकेट लिए। इयान बॉथम के नाम 5,200 रन और 383 विकेट रहे, जबकि डेनियल विटोरी ने 113 टेस्ट मैचों में 4,531 रन और 362 विकेट हासिल किए। इन दिग्गजों के बीच जडेजा की खासियत यह है कि उन्होंने दोनों विभागों में लगातार प्रदर्शन करते हुए यह डबल सबसे कम टेस्ट मैचों में पूरा किया। यह उपलब्धि टेस्ट क्रिकेट में उनके लंबे समय से चले आ रहे शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन को दर्शाती है।

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