IND vs ENG: अब रोहित शर्मा को वो काम करना चाहिए जो सचिन तेंदुलकर ने कई सालों तक किया- संजय मांजरेकर
हैदराबाद टेस्ट मैच हारने के बाद टीम इंडिया के बल्लेबाजों की हो रही है आलोचना।
अद्यतन - Jan 29, 2024 5:22 pm

टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि, रोहित शर्मा को हैदराबाद में इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज के शुरुआती मैच में 231 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अनुभवहीन भारतीय बल्लेबाजी लाइनअप को अकेले ही आगे बढ़ाना था। मांजरेकर ने कहा कि रोहित को सामने से आकर बल्लेबाजी क्रम का नेतृत्व करना चाहिए था।
मांजरेकर ने बताया कि कैसे सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में कई वर्षों तक इसी तरह की भूमिका निभाई। मांजरेकर ने ESPNcricinfo से बातचीत के दौरान सुझाव देते हुए कहा कि मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने के लिए कहे जाने के बाद टीम इंडिया के प्लेयर्स काफी दबाव में लग रहे थे।
रोहित शर्मा को वो काम करना था जो सचिन तेंदुलकर ने कई वर्षों तक किया- संजय मांजरेकर
संजय मांजरेकर ने आगे कहा कि, “आपने देखा कि यशस्वी जायसवाल ने 100 के स्ट्राइक रेट से 80 रन बनाए। दूसरी पारी में, बिना किसी कारण के, उनका स्ट्राइक रेट 40 का था। इसका एक कारण यह होगा कि वे दबाव महसूस करते हुए बल्लेबाजी करने आए थे। यहीं पर रोहित शर्मा को वो काम करना था जो सचिन तेंदुलकर ने कई वर्षों तक किया – टीम में एक ऐसा बल्लेबाज़ होना चाहिए जिसे पूरे बैटिंग ऑर्डर की देखभाल करनी हो।”
मांजरेकर ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे भारत के युवा बल्लेबाजों ने पर्याप्त साहस नहीं दिखाया और वो कुछ ज्यादा ही सतर्कता दिखा रहे थे। उन्होंने बताया कि यशस्वी जयसवाल, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों को अपना स्वाभाविक खेल खेलने की आजादी दी जानी चाहिए।
मांजरेकर ने कहा कि, “भारत ने एक बार फिर बहुत अधिक सावधानी बरतने में गलती की है। यदि आपके पास यशस्वी जयसवाल, शुभमन गिल या श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी हैं, जो खुद को आक्रामक खिलाड़ियों के रूप में पेश करते हैं, तो स्थिति चाहे जो भी हो, उन्हें टिके रहना होगा और उस ब्रांड का क्रिकेट खेलना होगा जिसमें वे अधिक सहज हैं। और यदि उस प्रयास में भारत कोई मैच हार जाता है, तो फैंस को भी यह समझना होगा कि उन्होंने वही करने की कोशिश की जिसमें वे अच्छे थे।”