टेस्ट क्रिकेट को हल्के में ले रही है PCB, पूर्व खिलाड़ी ने जताई चिंता
पाकिस्तान को अब बांग्लादेश के खिलाफ दो मैच की टेस्ट सीरीज खेलनी है और इसके बाद टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैच की टेस्ट सीरीज खेलेगी।
अद्यतन - Aug 3, 2024 8:02 pm

पूर्व खिलाड़ी सलमान बट का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बाकी खिलाड़ी टेस्ट फॉर्मेट को उतनी प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं जितनी वो बाकी दो प्रारूपों को दे रहे हैं। बता दें, पाकिस्तान को इस महीने के अंत में बांग्लादेश के खिलाफ दो मैच की टेस्ट सीरीज खेलनी है और इसके बाद टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।
इस सीरीज से पहले पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने सलमान बट से इस चीज को लेकर सवाल उठाया कि टीम के पास टेस्ट प्रारूप में ऐसे कई स्पिन विकल्प है जो अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उसके बावजूद उन्हें मौका नहीं दिया जा रहा है? इस पर पूर्व खिलाड़ी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि वो घरेलू क्रिकेट में लगातार मुकाबले नहीं खेल रहे हैं और यह बहुत ही गलत बात है।
सलमान बट ने कहा कि, ‘क्या हमें टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देनी चाहिए? आखिर क्यों हम एकदम से काम्बिनेशन को लेकर इतने चिंतित है? हम लोग बस इस प्रारूप को नहीं खेलना चाहते हैं। हमारे खिलाड़ी फर्स्ट क्लास क्रिकेट लगातार नहीं खेल रहे हैं। पूरी दुनिया में सिर्फ हमारा ही क्रिकेट बोर्ड है जो यह कह रहा है कि हमें एक टेस्ट मैच की जगह दो टी20 खेलना चाहिए।’
सलमान बट के मुताबिक आजकल के पाकिस्तानी खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं और व्हाइट गेंद क्रिकेट को लेकर ज्यादा फोकस है।
बाबर आजम की कप्तानी को लेकर सलमान बट ने पीसीबी को भी जमकर फटकारा
सलमान बट ने बाबर आजम की कप्तानी को लेकर कहा कि, ‘वो कोई Born Leader नहीं है। लेकिन समस्या यही है कि आपने ऐसा क्या योगदान दिया है जिससे चीजें और भी आसान हुई हैं? अपने उन दो खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया, जिन्होंने आपकी टीवी में जमकर आलोचना की। इसके बाद बोर्ड ने अपने कप्तान को बदला और फिर दो सीरीज के बाद आप बाबर आजम को वापस कप्तान की भूमिका में ले आए। आप खुद टीम को अलग-अलग हिस्सों में बांट रहे हैं।’
आपको बता दें कि, आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 में पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन काफी खराब रहा था और वह सुपर 8 में अपनी जगह बनाने में नाकाम रही थी। बाबर आजम की कप्तानी की भी जमकर आलोचना की गई थी। इसके अलावा वह बल्ले से भी कुछ खास नहीं कर सके थे।