टीम इंडिया में राजनीति का ‘शिकार’ हुए गब्बर, अब किस ‘पार्टी’ के शिखर पर चढ़ने की तैयारी में हैं?
इंडियन प्रीमियर लीग के 16वें सत्र में भारतीय टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज शिखर धवन पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे।
अद्यतन - मार्च 27, 2023 4:32 अपराह्न

इंडियन प्रीमियर लीग के 16वें सत्र में भारतीय टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज शिखर धवन पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। धवन जिनको पिछले काफी समय से राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला है उन्होंने इस चीज को लेकर अपना पक्ष रखा कि वो भविष्य में राजनीति में जरूर जा सकते हैं।
हालांकि धवन का यह भी कहना है कि इस समय वो इन सब चीजों के बारे में कुछ भी नहीं सोच रहे हैं और जो भी किस्मत में लिखा होगा वो होकर रहेगा। धवन ने यह भी कहा कि अभी तक उन्होंने इसको लेकर किसी से भी कुछ भी बातचीत नहीं की है लेकिन हो सकता है कि वो भविष्य में राजनेता जरूर बने।
NDTV के मुताबिक शिखर धवन ने कहा कि, ‘फिलहाल, मेरी ऐसी कोई भी योजना नहीं है। लेकिन अगर किस्मत में लिखा होगा तो मैं राजनीति में जरूर जाना चाहूंगा। मैं जिस भी फील्ड में जाऊंगा अपना शत-प्रतिशत दूंगा। मुझे पूरा भरोसा है कि सफलता मेरे कदम चूमेगी। मैं 11 साल की उम्र से ही काफी कड़ी मेहनत कर रहा हूं और चाहे आप किसी भी फील्ड में चले जाएं सबका एक ही मंत्रा है कि आप कड़ी मेहनत करें। क्रिकेट खेलने का बस एक ही सकारात्मक बात है कि वो एक टीम का खेल है।
जरूरी नहीं कि आप हर चीज पर अपना पैर मारे। अभी तक मैंने किसी से भी यह बात नहीं कही है कि मुझे राजनीति में जाना है लेकिन आपको नहीं पता कि आगे आपके साथ क्या होगा। अगर ऊपर वाले ने ऐसा कुछ सोच रखा है तो मैं जरूर राजनीति की फील्ड में भी कोशिश करूंगा।’
मैंने शुभमन गिल को अपने से ऊपर चुना होता: शिखर धवन
बता दें, पिछले काफी समय से शिखर धवन ने भारतीय टीम की ओर से एक भी मुकाबला नहीं खेला है। वनडे टीम में उनकी जगह शुभमन गिल ने ले ली है। अच्छी बात यह भी है कि युवा बल्लेबाज काफी अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं। फिलहाल धवन का वनडे वर्ल्ड कप 2023 में खेलना काफी मुश्किल लग रहा है लेकिन अभी कुछ भी कहना गलत होगा।
गिल को लेकर धवन ने कहा कि, ‘मुझे लगता है कि जिस तरीके से शुभमन अभी खेल रहे हैं वो सच में काफी कमाल की बात है। वो तीनों ही प्रारूपों में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर मैं चयनकर्ता होता तो अपने से ऊपर उनको रखता। मैंने शुभमन को ही मौका दिया होता।’