श्रेयस अय्यर की चोट पर राहत की खबर: परिवार ने टाली सिडनी ट्रिप, स्टार बल्लेबाज जल्द होंगे अस्पताल से डिस्चार्ज
"बीसीसीआई उसकी चोट पर नज़र रख रहा है और वह ठीक होने की राह पर है। सिडनी के सबसे बेहतरीन डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं," श्रेयस के पिता संतोष अय्यर ने कहा।
अद्यतन - अक्टूबर 28, 2025 3:43 अपराह्न

भारतीय एकदिवसीय टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध तीसरे एकदिवसीय के दौरान कैच पकड़ते हुए ‘रिब केज’ के निचले हिस्से में गहरी चोट लगी थी। इस इंजरी के चलते उन्होंने आगे के मैच में भाग नहीं लिया और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार श्रेयस को ‘इंटरनल ब्लीडिंग’ हुई जिसके कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया।
डॉक्टरों के अनुसार भारतीय उप-कप्तान को और भी गहरी चोट आ सकती थी परन्तु ऐसा नहीं हुआ और अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं तथा खतरे से बाहर हैं।
श्रेयस के पिता संतोष अय्यर ने डेक्कन क्रॉनिकल को बताया कि बीसीसीआई उसकी चोट पर नज़र रख रहा है और अय्यर ठीक होने की राह पर हैं। सिडनी के सबसे अच्छे डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। संभावना है कि श्रेयस इस सप्ताहांत तक या शायद उससे पहले भी, अस्पताल से डिस्चार्ज हो जाएँगे। क्योंकि वह टी20आई टीम का हिस्सा नहीं है, इसलिए वह जल्द ही घर लौट आएगा। अंत में श्रेयस के पिता ने कहा, “पुरानी खबरों के विपरीत, हम सिडनी नहीं जा रहे हैं।”
श्रेयस अय्यर को चोट कैसे लगी?
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच रविवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर तीसरे एकदिवसीय मैच के दौरान, श्रेयस ने पहली पारी में फील्डिंग करते हुए गेंद की ओर दौड़ लगाई और पीछे से दौड़कर एक शानदार कैच पूरा किया। हालांकि, गेंद को सफलतापूर्वक लपकने की कोशिश में, मुंबई के इस खिलाड़ी के पेट का निचला हिस्सा बुरी तरह से ज़मीन पर टकराया, जिससे उनके ‘रिब केज’ के निचले क्षेत्र में गंभीर चोट लगी और उन्हें मैच के बीच में ही मैदान छोड़ना पड़ा।
मैदान छोड़ने पर, श्रेयस ने अधिक तकलीफ की शिकायत की, जिसके कारण टीम फिजियो कमलेश जैन ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। सिडनी के निजी अस्पताल में यह पुष्टि हुई कि श्रेयस के ‘रिब केज’ में घाव हो गया था, जिसके कारण काफी ‘इंटरनल ब्लीडिंग’ भी हुई। हालांकि, भारत के टी20आई कप्तान सूर्यकुमार यादव द्वारा बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात की पुष्टि की कि उनकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।