बेन स्टोक्स का चैलेंज, ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचेंगे, इंग्लैंड का दुर्लभ ‘एशेज जीत’ मिशन शुरू
इस बार एशेज सीरीज की शुरुआत 21 नवंबर से पर्थ में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच से हो रही है।
अद्यतन - Nov 20, 2025 4:28 pm

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने अपनी टीम को ऑस्ट्रेलिया में एशेज जीतने के कठिन मिशन के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है। इंग्लैंड ने आखिरी बार 2010-11 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर एशेज ट्रॉफी जीती थी। और तब से अब तक टीम को लगातार निराशा हाथ लगी है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से इंग्लैंड सिर्फ पाँच बार ही ऑस्ट्रेलिया से एशेज जीतकर लौटा है, इसलिए इस बार भी उम्मीदों का बोझ काफी बड़ा है।
स्टोक्स का मानना है कि यह टीम पिछले इतिहास को पीछे छोड़कर खुद का नया अध्याय लिख सकती है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा मुश्किल होता है क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहद मजबूत है और इंग्लैंड का रिकॉर्ड यहाँ खास नहीं रहा है। लेकिन आने वाले ढाई महीनों में इंग्लैंड के पास मौका है कि वे नया इतिहास रचें और मिड जनवरी में एशेज जीतकर घर लौटें।
ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड को मिला नए जोश और बढ़त का सहारा
स्टोक्स ने क्रिकबज के हवाले से कहा- इस बार का दौरा कई मायनों में अलग है। पिछले तीन वर्षों से इंग्लैंड की बैजबाॅल ब्रिगेड इसी श्रृंखला के लिए खुद को तैयार कर रही है। कोविड नियमों के कारण पिछली एशेज सीरीज में इंग्लैंड के समर्थक ऑस्ट्रेलिया नहीं पहुंच सके थे, लेकिन इस बार हजारों इंग्लिश फैंस टीम का हौसला बढ़ाने पहुंचे हैं। स्टोक्स ने बताया कि खिलाड़ियों ने पिछले कुछ दिनों में कई इंग्लिश समर्थकों को सड़कों पर देखा है, जिससे टीम का उत्साह और बढ़ गया है।
इंग्लैंड को एक और बढ़त यह है कि ऑस्ट्रेलिया अपने दो दिग्गज तेज गेंदबाज पैट कमिंस और जोश हेजलवुड के बिना उतर रहा है। ऐसे में पर्थ में इंग्लैंड मजबूत शुरुआत करना चाहेगा। स्टोक्स और कोच ब्रेंडन मैकुलम तेज गेंदबाज़ों के साथ उतरने की योजना बना रहे हैं। मार्क वुड को खेलने की अनुमति मिल गई है, भले ही उन्होंने वॉर्म अप मैच में सिर्फ आठ ओवर फेंके थे।
स्टोक्स खुद भी कंधे की चोट के बाद पूरी तरह फिट होकर बतौर ऑलराउंडर मैदान पर उतरने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह बल्ले और गेंद, दोनों भूमिकाओं में टीम को 100 प्रतिशत योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अंत में स्टोक्स ने कहा मैं अपने शरीर से जितना दे सकता हूँ, सब कुछ इंग्लैंड के लिए दूंगा।