दोनों हाथ से गेंदबाजी करता है यह ‘भारतीय’ बॉलर, ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में मिली जगह - क्रिकट्रैकर हिंदी

दोनों हाथ से गेंदबाजी करता है यह ‘भारतीय’ बॉलर, ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में मिली जगह

राधाकृष्णन तमिलनाडु प्रीमियर लीग में भी खेल चुके हैं।

Nivethan Radhakrishnan. (Photo Source: Instagram)
Nivethan Radhakrishnan. (Photo Source: Instagram)

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2022 के लिए ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम की घोषणा 14 दिसंबर को की गई। इस टूर्नामेंट का आयोजन अगले साल जनवरी में किया जाएगा और इसकी मेजबानी वेस्टइंडीज के हाथों में होगी। 2010 में आखिरी बार खिताब जीतने के बाद, ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बार फिर इस खिताब को हासिल करना चाहेगी क्योंकि इस बात उनकी टीम में कुछ प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं।

उनमें से एक हैं निवेठन राधाकृष्णन, जिनका जन्म भारत के तमिलनाडु राज्य में हुआ था। बाद में वह ऑस्ट्रेलिया चले गए और अब वह अंडर -19 क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। बहुत कम लोगों को पता होगा कि राधाकृष्णन ने तमिलनाडु प्रीमियर लीग, में भी भाग लिया था। यह युवा ऑलराउंडर कई अन्य TNCA टूर्नामेंट का भी हिस्सा रहे हैं।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 2021 सीजन के दौरान निवेठन राधाकृष्णन दिल्ली कैपिटल्स के लिए नेट गेंदबाज थे। बता दें कि राधाकृष्णन के पास एक गजब की कला है। यह स्पिनर दोनों हाथों से नियमित रूप से लगातार गेंदबाजी कर सकता है।

राधाकृष्णन ने अपने इस हैरान करने वाली गेंदबाजी के पीछे का कारण बताया

18 वर्षीय खिलाड़ी आमतौर पर बाएं हाथ के बल्लेबाजों को गेंदबाजी करते हुए ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं, जब दाएं हाथ का बल्लेबाज स्ट्राइक पर होता है तो वह बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी करने लगते हैं। इस साल की शुरुआत में ईएसपीएन क्रिकइंफो के साथ बातचीत में राधाकृष्णन ने अपने इस विचित्र गेंदबाजी कौशल के पीछे का कारण बताया था।

उन्होंने कहा कि, “चेन्नई में टीवी पर या लीग क्रिकेट में दोनों हाथों से गेंदबाजी करने वाला कोई नहीं था। तब किसी ने इसके बारे में नहीं सुना था। मैं ऐसा था: ‘अच्छा, क्यों नहीं मैं ही इसकी शुरुआत करूं?’ मेरे खेल में विफलता का कोई डर नहीं है। अगर मुझे परवाह नहीं है कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं और असफल होने की परवाह नहीं करते हैं, तो मैं जो हासिल कर सकता हूं उसकी क्या सीमा है?”