अपनी स्लिप फील्डिंग को बेहतर करने के लिए विराट कोहली रोजना करते थे 100 से अधिक कैच पकड़ने का अभ्यास – आर श्रीधर
आर श्रीधर के मुताबित वह विराट कोहली को फील्डिंग का अभ्यास कराते हुए खुद थक जाते थे।
CricTracker जूनियर स्टाफ लेखिका
अद्यतन - अगस्त 20, 2022 3:08 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट टीम का एक पक्ष जो पिछले 1 दशक में काफी मजबूत दिखाई दिया है वह टीम की फील्डिंग के मामले में बेहद शानदार तरीके से सुधार करना। जिसमें टीम में आने वाले युवा खिलाड़ियों ने फील्डिंग के स्तर को काफी ज्यादा ऊपर उठाने का काम किया। जिसकी बदौलत कई मुकाबलों में भारतीय टीम ने अपनी फील्डिंग के दम पर उसे जीतने का काम किया है। टेस्ट क्रिकेट में स्लिप फील्डिंग काफी अहम मानी जाती है जहां पर एक गलती काफी भारी पड़ सकती है ऐसे में उस मामले में भी भारतीय टीम पूरी तरह से सतर्क दिखाई देती है।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली जिनका बल्ले से भले ही मौजूदा समय में अच्छा प्रदर्शन देखने को नहीं मिल रहा है। लेकिन एक फील्डर के तौर पर वह टीम के लिए हमेशा उपयोगी साबित होते हैं। इसी को लेकर भारतीय टीम के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने अपने दिए बयान में इस बात का खुलासा किया आखिर किस तरह से कोहली ने अपनी स्लिप फील्डिंग को सुधारने के लिए रोजाना कम से कम 100 से अधिक कैच पकड़ने का अभ्यास करते थे।
जिसमें आर श्रीधर के अनुसार कई बार ऐसा भी हुआ कि वह खुद कोहली को फील्डिंग का अभ्यास कराते-कराते थक जाते थे। लेकिन कोहली लगातार और कैच पकड़ने के लिए तैयार रहते थे।
क्रिकेट डॉट कॉम से बातचीत के दौरान आर श्रीधर ने अपने बयान में कहा कि, विराट कोहली अपने अभ्यास के दम पर भारतीय क्रिकेट के एक बेहतरीन स्लिप फील्डर बने हैं। वह शुरुआत में स्लिप फील्डर के तौर पर उतने बेहतर नहीं थे। लेकिन उसके बाद उन्होंने लगातार अभ्यास सत्र में इसका घंटों मेरे साथ अभ्यास किया जिसके बाद वह आज इतने बेहतरीन स्लिप फील्डर बन सके हैं।
मैं थक जाता था, लेकिन विराट की ऊर्जा अविश्वसनीय है
इसी बातचीत के दौरान आर श्रीधर ने आगे एक किस्से के बारे में भी खुलासा किया जिसमें उन्होंने कहा कि, मैं उन्हें स्लिप का अभ्यास कराता था। जब मैं थक जाता तो विराट से कहता कि बस आज का हो गया। तब वह कहते कि उन्हें अभी और कैच प्रैक्टिस करनी है। इसके बाद मैं उन्हें और अभ्यास कराता।
मैं उनकी ओर 100 कैच फेंकता यह एक दिन की बात नहीं थी। कई सीरीज से पहले उन्होंने इसी तरह अभ्यास किया। कई बार तो वह 100 से ज्यादा कैच अभ्यास भी करते थे। जिस तरह से वह लगातार कैच पकड़ने का अभ्यास करते रहते थे, उनकी एनर्जी देख मेरा दिमाग चकरा जाता था।