मुझे ऐसा लगने लगा था कि मैं कोई इंसान नहीं बस एक परछाई हूं: टेस्ट कप्तानी छोड़ने के पीछे जो रूट ने बताया मुख्य कारण
वो समय आ गया था जब मुझे लगने लगा था कि सिर्फ मेरे बच्चों को ही नहीं बल्कि मेरी पत्नी कैरी को भी इससे परेशानी हो रही है: जो रूट
अद्यतन - Sep 1, 2022 7:14 pm

जो रूट ने जबसे इंग्लैंड टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ी है तबसे टीम के प्रदर्शन में काफी बदलाव देखने को मिला है। बता दें, जो रूट के कप्तानी पद से इस्तीफा देने के बाद बेन स्टोक्स को टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था और ब्रैंडन मैकुलम को टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनाया गया।
टीम ने अभी तक काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। बेन स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड टीम ने छह टेस्ट मुकाबलों में 5 में जीत दर्ज की है जबकि 1 में उनको हार का सामना करना पड़ा है। वहीं जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने कई मुकाबलों में हार दर्ज की है। हालांकि जब से जो रूट के ऊपर से कप्तानी का बोझ हटा है, तब से उनका फॉर्म और भी बेहतर हो गया है। वो अब शांत मन से बस अपनी बल्लेबाजी पर ही ध्यान देते हैं।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन के साथ एक पॉडकास्ट ‘वॉनी एंड टफर्स सीसी पॉडकास्ट’ में बोलते हुए रूट ने बताया कि आखिर कैसे एक समय के बाद उन्हें इंग्लैंड टीम की कप्तानी करना बोझ लगने लगा था और किस वजह से उन्होंने इस पद से इस्तीफा दिया।
जो रूट ने कहा कि, ‘आखिरी 2 सालों में मैंने काफी कुछ झेला है। सच बताऊं तो मैं इस दर्द को बयान नहीं कर सकता। सबसे पहले यह फैसला लेना मेरे ग्रुप के लिए सही था और फिर मेरे लिए भी क्योंकि मैं उस समय काफी परेशान था। मैं बस दौरे से वापसी करके घर आता था और अपने परिवार वालों के साथ भी बातचीत नहीं कर पाता था। मुझे ऐसा लगता था कि मैं बस एक इंसान की परछाई हूं और कुछ नहीं।’
जब से मैंने कप्तानी पद से इस्तीफा दिया है तब से मेरे ऊपर से बोझ काफी कम हो गया है: जो रूट
जो रूट ने आगे कहा कि कभी-कभी आपको इतना बड़ा होना चाहिए कि आपको पता चल जाए कि अब समय आ गया है कि मेरी जगह किसी और को मौका मिलना चाहिए। मैं काफी लंबे समय से कप्तानी पद से इस्तीफा देना चाह रहा था लेकिन वेस्टइंडीज दौरे के बाद मैंने पक्का कर लिया था कि अब चाहे कुछ भी हो जाए मैं इस्तीफा देकर रहूंगा।
वो समय आ गया था जब मुझे लगने लगा था कि सिर्फ मेरे बच्चों को ही नहीं बल्कि मेरी पत्नी कैरी को भी इससे परेशानी हो रही है। मुझे यह देखकर अच्छा नहीं लग रहा था कि वो लोग भी इसका हिस्सा बन रहे हैं।
वेस्टइंडीज दौरे के बाद मैं चीजों को बदलना चाहता था और मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने इसके बारे में बात की। मैंने बेन स्टोक्स से भी अकेले में जाकर इस बारे में बातचीत की और अब मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरे सीने से एक बहुत बड़ा बोझ हट गया।