'खिलाड़ियों को नहीं, खेलने के रवैए को बदले टीम इंडिया': हरभजन सिंह - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘खिलाड़ियों को नहीं, खेलने के रवैए को बदले टीम इंडिया’: हरभजन सिंह

अगर हम अपने टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों की बात करें तो इन तीनों को ही अपना स्ट्राइक रेट बढ़ाना होगा: हरभजन सिंह

Harbhajan Singh And Rohit Sharma (Image Credit- Twitter)
Harbhajan Singh And Rohit Sharma (Image Credit- Twitter)

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि टीम को टी-20 प्रारूप में अपने रवैए को बदलने की जरूरत है और स्ट्राइक रेट को और बेहतर करने की भी। बता दें, टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के सुपर 12 में भारतीय टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई थी। हालांकि सेमीफाइनल में उनको इंग्लैंड के हाथों हार झेलनी पड़ी। टीम की मानसिकता पर तमाम लोगों ने सवाल उठाए।

इस टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। टीम के बल्लेबाजों में सिर्फ विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने लगातार अच्छी बल्लेबाजी की। सेमीफाइनल में भी विराट कोहली और हार्दिक पांड्या के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना पाया। वहीं फाइनल में पाकिस्तान को मात देकर इंग्लैंड ने दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया।

हरभजन सिंह की मानें तो पावरप्ले में भारत के टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को आक्रामक शुरुआत करनी पड़ेगी वरना वो विरोधी टीम के खिलाफ बड़ा स्कोर नहीं बना पाएंगे।

खिलाड़ियों को नहीं रवैए को बदला जाए: हरभजन सिंह

ESPNक्रिक्इंफो के मुताबिक हरभजन सिंह ने कहा कि, ‘टी-20 प्रारूप में हमें अपना रवैया बदलना होगा। शुरुआती छह ओवर बेहद जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो आपको हार्दिक पांड्या या सूर्यकुमार यादव के ऊपर निर्भर होना पड़ता है कि वो 20 गेंदों में 50 रन की पारी खेलें। अगर यह दोनों बल्लेबाज नहीं चले तो आप सम्मानजनक स्कोर तक नहीं पहुंच पाते हैं।

इंग्लैंड ने अपने रवैए को बदला और उन्होंने दो वर्ल्ड कप अपने नाम किए एक 2019 वनडे वर्ल्ड कप और दूसरा टी-20 वर्ल्ड कप 2022। टी-20 को टी-20 जैसे खेलना चाहिए वनडे जैसा नहीं।’

रोहित शर्मा, केएल राहुल और विराट कोहली को लेकर हरभजन सिंह ने आगे कहा कि, ‘अगर हम अपने टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों की बात करें तो इन तीनों को ही अपना स्ट्राइक रेट बढ़ाना होगा। अगर आपको 180 तक पहुंचना है तो 110 या 120 के स्ट्राइक रेट से नहीं खेलना चाहिए बल्कि उसको और बेहतर करना चाहिए। उन्हें शुरुआती 10 से 12 ओवरों में कम से कम 9 रन प्रति ओवर के हिसाब से खेलना चाहिए।’