केएल राहुल ने बताया कि आखिर किस वजह के चलते उन्हें आज भी अपनी मां से ताने सुनने पड़ते हैं
केएल राहुल ने बताया कि भारतीय टीम में पदार्पण के समय उन्हें केंद्र सरकार की नौकरी मिली थी।
अद्यतन - Mar 29, 2022 9:28 pm

दांए हाथ के बल्लेबाज केएल राहुल भारतीय टीम के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। इसके अलावा वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2022 में नयी फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी कर रहे हैं। हालांकि वह इस सीजन में पहले मैच में अपनी टीम के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन करने में कामयाब नहीं हो सके।
केएल राहुल ने लॉकडाउन के दौरान डिग्री को लेकर अपनी मां से की गयी बातचीत का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी मां लॉकडाउन में उन्हें डिग्री पूरा करने को लेकर ताना देती थीं। उन्होंने बताया कि जब भारतीय टीम में उन्होंने अपना डेब्यू किया था उस दौरान उन्हें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में नौकरी मिली थी।
उन्होंने चैट शो ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ पर बताया “मेरी मां लॉकडाउन में मुझे डिग्री पूरा करने को लेकर ताना देती थीं। उन्होंने मुझसे कहा था ‘तुम अपने 30 पेपर क्यों नहीं खत्म कर लेते? तुम बैठकर इन्हे क्यों नहीं लिख लेते और डिग्री क्यों नहीं हासिल कर लेते’।
“मुझे केंद्र सरकार की नौकरी मिली थी”-केएल राहुल
उन्होंने बताया “मैंने मां से पूछा ‘आप मुझसे क्या करवाना चाहती हैं? मैं क्रिकेट खेलकर अपने लिए अच्छा कर रहा हूं, आप चाहती हैं कि मैं 30 पेपर लिखूं?’ उन्होंने कहा ‘हाँ क्यों नहीं?”
केएल राहुल ने अपनी नौकरी के बारे में बताते हुए कहा “मुझे केंद्र सरकार की नौकरी मिली थी इसलिए वह खुश थीं और मैं टीम इंडिया के लिए 4 साल से क्रिकेट खेल रहा हूं जिससे वह खुश नहीं हैं। उन्होंने मुझसे कहा ‘तुम एक जगह स्थिर हो जाओगे और अच्छा वेतन भी मिलेगा। वे स्पोर्ट्स के लोगों की अच्छी तरह से देखभाल करते हैं। और क्या चाहिए?”
उन्होंने अपने माता-पता के बारे में बताते हुए कहा “मेरे पिताजी एक प्रोफेसर हैं और मेरी मां भी प्रोफेसर हैं। मेरे पूरे परिवार में कुछ इंजिनियर हैं कुछ डॉक्टर या बाकि कुछ और कर रहे हैं। मैं 10वीं कक्षा तक एक होशियार बच्चा था। लेकिन 10वीं पास करने के बाद आपको कॉमर्स या विज्ञान में से किसी एक को चुनना पड़ता है। मेरे परिवार में किसी ने भी कॉमर्स नहीं ली थी। मेरे माता-पिता के लिए, यह ऐसा था – ‘यह हमारे लिए शर्मनाक होने वाला है’। मेरे लिए कुछ इस तरह था ‘मैं विज्ञान लेकर क्रिकेट नहीं खेल सकता’ और वे इसे समझ गए।”