अगर ऋषभ पंत चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते, तो क्या बन जाते आईपीएल के सबसे बड़े सुपरस्टार?
धोनी की कप्तानी और मार्गदर्शन में पंत का करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता था।
अद्यतन - Nov 8, 2025 7:45 pm

ऋषभ पंत आज भारतीय क्रिकेट के सबसे रोमांचक और बेखौफ बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं। टेस्ट टीम के उपकप्तान और आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान के रूप में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और अनोखे शॉट्स के लिए मशहूर पंत हमेशा से ही मैदान पर मनोरंजन का पर्याय रहे हैं। पंत ने 2016 में दिल्ली डेयरडेविल्स अब दिल्ली कैपिटल्स से आईपीएल में कदम रखा और 2018 में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 684 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 173.60 का रहा।
धोनी की मेंटरशिप में पंत बन सकते थे आईपीएल के अगली पीढ़ी के लेजेंड?
पंत ने साल 2018 में जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने उन्हें युवा क्रिकेटरों में सबसे अलग बना दिया। अगले सीजन में भी उन्होंने 488 रन बनाए और साबित किया कि वह सिर्फ एक सीजन का करिश्मा नहीं हैं। 2021 में उन्हें दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी सौंपी गई और उन्होंने टीम को अंक तालिका में शीर्ष स्थान तक पहुंचाया।
2022 में हुए दर्दनाक कार हादसे के बाद पंत ने लंबा ब्रेक लिया, लेकिन 2024 में वापसी कर उन्होंने 446 रन बनाकर सभी को दिखा दिया कि उनका जुनून अब भी बरकरार है। फिर 2025 के आईपीएल ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये में खरीदा, जो अब तक का सबसे बड़ी बोली थी।
लेकिन फैंस के मन में अक्सर एक सवाल उठता है अगर ऋषभ पंत चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेले होते तो क्या वे और भी बड़े स्टार बन सकते थे? अगर पंत को एम.एस. धोनी जैसे कप्तान और मेंटर के मार्गदर्शन में खेलने का मौका मिलता, तो शायद उनका खेल और भी परिपक्व हो जाता।
धोनी की शांत सोच और रणनीतिक समझ के साथ पंत की आक्रामकता मिलकर एक अद्भुत संयोजन बन सकती थी। चेन्नई की पीली जर्सी में खेलते हुए वे न सिर्फ टीम के अगले नेता के रूप में उभर सकते थे, बल्कि धोनी की विरासत को आगे बढ़ाने का मौका भी पा सकते थे।
धोनी की देखरेख में पंत का ब्रांड और लोकप्रियता शायद आज से भी कहीं ज्यादा बड़ी होती। वे सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि आईपीएल के इतिहास में एक स्थायी लेजेंड बन सकते थे। हालांकि, अब ऐसा शायद होता हुआ नजर ना आए।