विराट कोहली से बेहतर कप्तान है रोहित शर्मा? पूर्व कप्तान के इन तीन रिकॉर्ड्स को तोड़ना नामुमकिन
रोहित शर्मा की कप्तानी में पिछले 9 महीनों में भारतीय टीम ने टी-20 प्रारूप में एक भी द्विपक्षीय सीरी़ज नहीं हारी है।
अद्यतन - Aug 9, 2022 4:02 pm

इस साल की शुरुआत में खेले जा चुके दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मुकाबलों की टेस्ट सीरीज को 2-1 से हारने के बाद विराट कोहली ने सभी प्रारूपों से अपने कप्तानी पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफा देने के बाद रोहित शर्मा को सभी प्रारूपों का कप्तान नियुक्त किया गया।
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। उन्होंने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा चुकी 5 मुकाबलों की टी-20 सीरीज को 4-1 से अपने नाम किया। यही नहीं पिछले 9 महीनों में भारतीय टीम ने टी-20 प्रारूप में एक भी द्विपक्षीय सीरी़ज नहीं हारी है।
वनडे क्रिकेट में भी रोहित शर्मा की कप्तानी काफी अच्छी रही है। हालांकि टेस्ट कप्तान के रूप में रोहित शर्मा को अभी भी अपनी शानदार कप्तानी दुनिया के सामने रखनी होगी, खासतौर पर विदेशी कंडीशंस में। हालांकि दोनों ही कप्तानों का प्रदर्शन अपनी-अपनी जगह में काफी शानदार रहा है लेकिन कप्तानी के रिकॉर्ड की बात की जाए तो रोहित शर्मा विराट कोहली के इन तीन रिकॉर्ड्स को नहीं तोड़ सकते हैं।
यह रहे वो तीन विराट कोहली के कप्तानी रिकॉर्ड्स जिसको तोड़ना रोहित शर्मा के लिए नामुमकिन है:
1- भारतीय कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा टेस्ट मुकाबले खेलना

रोहित शर्मा ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू साल 2007 में किया था और उसके बाद उन्होंने लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में अपनी एक अलग ही पहचान बना ली। वनडे प्रारूप में तीन दोहरे शतक जड़ने वाले रोहित शर्मा एकमात्र बल्लेबाज हैं। यही नहीं लिमिटेड ओवर्स प्रारूप में शर्मा के नाम ऐसे कई रिकॉर्ड्स है जिनको तोड़ना नामुमकिन हैं। वहीं दूसरी ओर टेस्ट क्रिकेट में उनका फॉर्म इतना अच्छा नहीं रहा है। उन्होंने अभी तक 45 टेस्ट मुकाबलों में 46.13 के औसत से 3137 रन बनाए हैं।
वहीं दूसरी ओर विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार कप्तानी साल 2014 में की थी और कुल 68 मुकाबलों में कप्तानी कर चुके हैं। उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा टेस्ट मुकाबलों की कप्तानी की है। उनको इस रिकॉर्ड को बनाने में 8 साल लगे।
इसलिए रोहित शर्मा के लिए यह उपलब्धि हासिल करना नामुमकिन है क्योंकि वो अभी 34 साल के हैं और इस फॉर्मेट में अब इतने मुकाबलों की कप्तानी करना काफी मुश्किल है।