वो पांच खिलाड़ी जो अपने शानदार क्रिकेट के अलावा यूनिक स्टाइल में जश्न मनाने के लिए हैं मशहूर - क्रिकट्रैकर हिंदी

वो पांच खिलाड़ी जो अपने शानदार क्रिकेट के अलावा यूनिक स्टाइल में जश्न मनाने के लिए हैं मशहूर

पांच खिलाड़ियों की इस लिस्ट में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी खिलाड़ी भी है मौजूद।

Brett Lee celebration. (Photo Source: Getty Images)
Brett Lee celebration. (Photo Source: Getty Images)

दुनियाभर के दिग्गज क्रिकटरों ने अपने शानदार खेल और ऑन-फील्ड उपलब्धियों से प्रतिष्ठा अर्जित की है। मैदान पर अपने निरंतर प्रदर्शन के कारण कुछ खिलाड़ी इस खेल में लीजेंड बनकर सामने आए हैं। क्रिकेट में जीत का जश्न मनाने का रिवाज निस्संदेह 1980 के दशक में शुरू हुआ, और 1990 के दशक की शुरुआत तक, यह खेल का एक नियमित पहलू बन गया था, जिसमें क्रिकेटरों के लिए सफलता का जश्न मनाने के कई अजीब तरीके थे।

जब किसी खिलाड़ी को मैच में किसी भी प्रकार की सफलता मिलती है, चाहे वह बल्लेबाजी, गेंदबाजी या क्षेत्ररक्षण हो, तो मैदान पर मौजूद सभी खिलाड़ी विभिन्न तरीकों से जश्न मनाते हुए दिखते हैं। उनमे से कुछ खिलाड़ियों कुछ गेंदबाजों का जश्न इतना खास बन जाता है कि वह सेलिब्रेशन स्टाइल लंबे समय तक याद रहता है। 

इस आर्टिकल में हम ऐसे ही पांच खिलाड़ियों की चर्चा करेंगे जो सफलता हासिल करने के बाद अपने यूनिक सेलिब्रेशन के लिए जाने जाते हैं

1) शेल्डन कॉट्रेल

Sheldon Cottrell
Sheldon Cottrell. (Photo Source: Twitter)

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शेल्डन कॉट्रेल वेस्टइंडीज के रहने वाले हैं, जो अपने अनोखे जश्न मनाने के अंदाज के लिए जाना जाता है। उनके पास जश्न मनाने की अदभुत क्षमता है और वह हर बार विकेट लेने पर ऐसा करते हैं। अपने प्रत्येक विकेट के बाद, वह पिच से नीचे उतरते हैं और ड्रेसिंग रूम को सलाम करता है।

जब उनसे उनके इस अनोखे अंदाज के महत्व के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह एक सैन्य सलामी है। वह पेशे से एक सिपाही है, और सलामी देना जमैका रक्षा बल के लिए सम्मान की निशानी है। जब वह सेना में थे, तो उन्होंने छह महीने तक इसका अभ्यास किया।

वह जमैका रक्षा बल (जेडीएफ) के सदस्य थे। उन्हें घातक टिवोली इनकर्सन (2010 में किंग्स्टन अशांति) में युद्ध करना पड़ा, जिसने मई 2010 में किंगस्टोन के एक हिस्से को एक युद्ध क्षेत्र में बदल दिया। कॉटरेल उस समय 21 वर्ष के थे, और इस दौरान उन्होंने कुछ सहयोगियों को खो दिया था। इसलिए सम्मान के प्रतीक के रूप में वह आगे बढ़ते हैं और हर बार विकेट लेने के बाद सलामी देते हैं।