सर ज्योफ्री बॉयकॉट का मानना, इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अभी भी काफी कुछ सीखना है - क्रिकट्रैकर हिंदी

सर ज्योफ्री बॉयकॉट का मानना, इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अभी भी काफी कुछ सीखना है

जब भी आप इंग्लैंड टीम को तेज गेंदबाजों का सामना करते देखते हैं तब आप चाय बनाने के लिए या टॉयलेट जाने के लिए उठना नहीं चाहते हैं क्योंकि अगर आप उठ जाएंगे तो जब तक आप वापस आएंगे वो सभी लोग ऑलआउट हो गए होंगे: सर ज्योफ्री बॉयकॉट

Sir Geoffrey Boycott
Sir Geoffrey Boycott. (Photo by Gareth Copley/Getty Images)

इंग्लैंड टीम के पूर्व बल्लेबाज सर ज्योफ्री बॉयकॉट ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली पहले टेस्ट में हार के बाद इंग्लैंड टीम पर जमकर भड़ास निकाली है। बॉयकॉट ने कहा कि इंग्लैंड टीम जब भी तेज गेंदबाजों के सामने खेलती है तो वो काफी घबरा जाते हैं। उनको लगता है कि कहीं इंग्लैंड के बल्लेबाज जल्द अपना विकेट ना गंवा बैठें।

बता दें, इंग्लैंड की यह टेस्ट गर्मियों की पहली हार है। मेजबान ने पहले न्यूजीलैंड को 3-0 से मात दी थी और उसके बाद भारत को पांचवे और आखिरी टेस्ट मुकाबले में भी शिकस्त दी थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही तीन मुकाबलों की टेस्ट सीरीज में प्रोटियाज ने पहला मुकाबला जीतकर इस सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।

सबसे बड़ी बात इस मुकाबले की यह रही कि इंग्लैंड अपने दोनों ही पारियों में 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सकी और 20 में से 18 विकेट्स तेज गेंदबाजों ने अपने नाम किए और वो भी मात्र तीन दिनों के अंदर।

द टेलीग्राफ के अपने कॉलम में बॉयकॉट ने कहा कि, ‘जब भी आप इंग्लैंड टीम को तेज गेंदबाजों का सामना करते देखते हैं तब आप चाय बनाने के लिए या टॉयलेट जाने के लिए उठना नहीं चाहते हैं क्योंकि अगर आप उठ जाएंगे तो जब तक आप वापस आएंगे वो सभी लोग ऑलआउट हो गए होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि, ‘इस समय बैज़बॉल तकनीक के बारे में बात नहीं करते हैं। कगिसो रबाडा, एनरिच नोर्टजे और लुंगी एन्गिडी को पहली पारी में अटैक करना और वो भी नई गेंद से काफी मुश्किल है और बेवकूफी भी है। ज्यादा देर तक क्रीज पर खड़े रहना हमारे बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल है।

अगर हम नई गेंद को देखकर और आराम से खेलेंगे तो ज्यादा अच्छा होगा: सर ज्योफ्री बॉयकॉट

सर ज्योफ्री बॉयकॉट ने इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को सलाह देते हुए कहा कि, ‘इसमें कोई गुनाह नहीं है अगर आप नई गेंद को आराम से और देखकर खेलते हैं। मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों को भी यही तकनीक अपनानी चाहिए। पिछले 200 सालों से यही हो रहा है और देखकर लगता है कि यही सही भी है।

देखना यह होगा कि अगले टेस्ट मुकाबले में इंग्लैंड किस तरह की मानसिकता के साथ खेलने उतरती है। अगर उन्होंने अगले टेस्ट में उसी योजना के तहत खेला जैसे वो न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ हाल ही में खेल रहे थे तो दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी मुश्किलें हो सकती है।

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