एशिया कप को लेकर थम नहीं रहा विवाद, BCB अध्यक्ष ने हाइब्रिड मॉडल का हवाला देते हुए जाहिर की चिंता
एशिया कप 2023 30 अगस्त से हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान और श्रीलंका में खेला जाएगा।
अद्यतन - Jul 20, 2023 11:02 pm

एशिया कप 2023 इस साल हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान और श्रीलंका में संयुक्त रूप से खेला जाएगा। पाकिस्तान में 4 मुकाबले वहीं श्रीलंका में 9 मुकाबले खेले जाएंगे। एशिया कप शुरू होने से पहले ऐसी रिपोर्ट थी कि अगर भारत फाइनल में पहुंचता है तभी फाइनल श्रीलंका में खेला जाएगा। लेकिन ACC द्वारा जारी किए गए शेड्यूल में साफ है कि फाइनल कोलंबो श्रीलंका में खेला जाएगा।
इसी बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एशिया कप से पहले अपनी बड़ी चिंता साझा की है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जलाल यूनुस का कहना है कि एशिया कप के हाइब्रिड मॉडल में अत्यधिक यात्रा करने से खिलाड़ियों पर इसका असर पड़ सकता है।
ACC का निर्णय है इसलिए मानना होगा- जलाल यूनुस
एशिया कप 2023 पाकिस्तान, भारत, अफगानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। नेपाल, पाकिस्तान और भारत ग्रुप-ए का हिस्सा है। वहीं श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान ग्रुप-बी का हिस्सा है। 30 अगस्त को टूर्नामेंट का पहला मुकाबला पाकिस्तान और नेपाल के बीच खेला जाएगा।
बांग्लादेश टूर्नामेंट में पहला मुकाबला 31 अगस्त को श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा। जिसके बाद टीम 3 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के लिए पाकिस्तान जाएगी। अगर बांग्लादेश सुपर-4 में क्वालीफाई कर जाती है तो टीम का पहला मुकाबला पाकिस्तान में होगा, जिसके बाद सारे मुकाबले श्रीलंका में खेले जाएंगे।
जलाल यूनुस ने क्रिकबज पर बात करते हुए कहा, ‘पहले दौरे में दो मैच हैं, एक श्रीलंका में और दूसरा पाकिस्तान में हैं। हमें जाना होगा क्योंकि वास्तव में हम कुछ नहीं कर सकते। 31 अगस्त के मैच के बाद अगला मैच 3 सितंबर को है। यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ACC अधिकारियों ने टीमों को चार्टर्ड प्लेन से यात्रा कराने का फैसला किया है।’
जलाल यूनुस ने यह भी कहा कि फ्लाइट से ट्रैवल करना और फिर दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना खिलाड़ियों को मानसिक तनाव में डाल सकता है। जलाल यूनुस ने आगे कहा, ‘यदि आप यात्रा करते हैं तो निश्चित रूप से इसका प्रभाव पड़ेगा जो मुझे लगता है क्योंकि जब आप फ्लाइट से यात्रा करते हैं तो आपको दो घंटे पहले जाना होगा सामान ले जाना होगा और इन सभी चीजों की तैयारी मानसिक रूप से तनावपूर्ण हैं। पाकिस्तान श्रीलंका से बहुत दूर है, इसलिए करने को कुछ नहीं है। चूंकि यह एसीसी का निर्णय है, हमें भी इसे स्वीकार करना होगा।’