26 जनवरी, 2006: जब इरफान पठान ने हैट्रिक लेकर पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर को पूरी तरह से कर दिया था तहस-नहस
इस मैच में इरफान पठान ने सलमान बट, यूनुस खान और मोहम्मद यूसुफ को अपना शिकार बनाया।
अद्यतन - जनवरी 29, 2024 4:26 अपराह्न

आज ही के दिन यानी 29 जनवरी, 2006 को इरफान पठान ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार हैट्रिक ली थी और तमाम लोगों को अपने खेल का दीवाना बना दिया था। भारत ने पाकिस्तान का दौरा किया था और इसके पहले दो टेस्ट ड्रॉ में समाप्त हुए थे। तमाम लोग यही चाहते थे कि तीसरे टेस्ट में रिजल्ट देखने को मिले और साथ ही दोनों टीमें सीरीज को जीतना चाहती थी।
टॉस जीतने के बाद भारत ने गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पहले ओवर इरफान पठान को दिया गया। उस समय किसी को भी इरफान पठान से ज्यादा उम्मीदें नहीं थी क्योंकि वो काफी युवा थे। हालांकि तीसरे टेस्ट में इरफान पठान ने अपने पहले ओवर की शुरुआती 3 गेंदों में लगातार तीन विकेट लिए और हैट्रिक पूरी की।
इस मैच में इरफान पठान ने सलमान बट, यूनुस खान और मोहम्मद यूसुफ को अपना शिकार बनाया। सलमान बट इरफान पठान की आउट स्विंग गेंद को बिल्कुल भी नहीं समझ पाए और वीरेंद्र सहवाग को उन्होंने अपना कैच थमा दिया। इसके बाद इरफान पठान ने अपनी शानदार इन स्विंग गेंद से यूनुस खान को बोल्ड किया। युसूफ खान भी इरफान पठान की इन स्विंग गेंद को समझ नहीं पाए और बोल्ड हो गए।
इरफान पठान की हैट्रिक के बावजूद भारत नहीं जीत पाया पाकिस्तान के खिलाफ तीसरा टेस्ट
हैट्रिक के साथ इरफान पठान ने मैच की पहली पारी में कुल 5 विकेट अपने नाम किए। इरफान पठान के अलावा आरपी सिंह ने तीन विकेट झटके जबकि जहीर खान ने दो विकेट हासिल किए। भारत ने पाकिस्तान को उनकी पहली पारी में 245 रन पर ऑलआउट कर दिया। इसके जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 238 रन बनाए। टीम की ओर से युवराज सिंह ने सर्वाधिक 45 रन बनाए जबकि इरफान पठान ने 40 रनों का योगदान दिया।
हालांकि पाकिस्तान ने दूसरी पारी में जबरदस्त बल्लेबाजी की और उन्होंने 599 रन पर अपनी पारी को घोषित कर दिया। टीम की ओर से यूनुस खान ने 77 रन बनाए जबकि फैजल इकबाल ने 220 गेंदों में 139 रनों का योगदान दिया। सलमान बट ने 53 रनों की बहुमूल्य पारी खेली जबकि इमरान फरहात ने 57 रन बनाए। जवाब में भारत 607 रनों के लक्ष्य को चेज नहीं कर पाया और 265 रन पर ऑलआउट हो गया। भारत की ओर से युवराज सिंह ने जबरदस्त बल्लेबाजी की और 122 रनों की बहुमूल्य पारी खेली। हालांकि युवराज सिंह के अलावा कोई भी अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना पाया और भारत 341 रनों से हार गया।