बता दें कि, टीम इंडिया की इस जीत का टर्निंग पॉइंट हार्दिक पांड्या को वह ओवर ही था, जिसमें पहले उन्होंने हेनरिक क्लासेन को पवेलियन भेजा था। 4 ओवरों में साउथ अफ्रीका की टीम को 26 रन की जरूरत थी। हेनरिक क्लासेन भारतीय स्पिनर्स के खिलाफ खूब रन बना रहे थे। वह 27 गेंदों पर 52 रन बनाकर क्रीज पर थे। हार्दिक ने आते ही क्लासेन को ऋषभ पंत के हाथों कैच कराया। इसके बाद भारतीय टीम हावी हो गई और 7 रन से ये मैच जीत लिया।
बात मुकाबले की करें तो, भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए विराट कोहली के 76 रनों की अर्धशतकीय पारी के दम पर 176 रन बोर्ड पर लगाए थे, उनके अलावा अक्षर पटेल ने 47 रनों की पारी खेली थी। इस स्कोर का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम ने एक समय पर मैच में अपनी पूरी पकड़ बना चुकी थी।
एक वक्त साउथ अफ्रीका को आखिरी 30 गेंदों पर टीम को जीत के लिए मात्र 30 ही रन चाहिए थे, मगर तभी चोकर्स के नाम से मशहूर इस टीम की पारी लड़खड़ाई और अंत में वो 20 ओवर में 169 रन ही बना सके और टीम इंडिया यह मैच 7 रन के अंतर से जीती। विराट कोहली को फाइनल मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।
