गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा को किया डिफेंड, तो सुनील गावस्कर इससे खफा नजर आए Crictracker Hindi

गौतम गंभीर की सोच और रोहित के अटैकिंग अप्रोच से खुश नहीं हैं सुनील गावस्कर, फाइनल से पहले दिया बड़ा बयान

चैंपियंस ट्रॉफी में अब तक नहीं चला है रोहित शर्मा का बल्ला।

Sunil Gavaskar and Gautam Gambhir
Sunil Gavaskar and Gautam Gambhir

महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को लेकर हैरान करने वाला बयान दिया है। उनका मानना है कि रोहित को पावरप्ले में उनको अल्ट्रा अटैकिंग अप्रोच से पीछे हटकर लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के बारे में सोचना चाहिए। गावस्कर का ये कमेंट उस समय आया है, जब गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा के इंटेंट को डिफेंड किया था और कहा था हम औसत या रन नहीं देखते, बल्कि इंटेंट देखते हैं।

भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में है और हर किसी को उम्मीद होगी कि रोहित शर्मा एक बड़ी पारी खेलें। इस चैंपियंस ट्रॉफी में अब तक रोहित का बल्ला शांत रहा है। वो बल्ले से एक भी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। सेमीफाइनल के बाद हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने कहा था कि ड्रेसिंग रूम रोहित शर्मा को आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि टॉप पर अपनी धमाकेदार शुरुआत से पैदा होने वाले इम्पैक्ट के आधार पर आंकता है।

गौतम गंभीर की इस सोच से सहमत नहीं हैं सुनील गावस्कर

गंभीर का ये बयान सुनने के बाद सुनील गावस्कर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इंडिया टुडे से बात करते हुए सुनील गावस्कर ने सुझाव दिया कि रोहित को अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करना चाहिए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय कप्तान के पास अकेले ही मैच को प्रभावित करने की क्षमता है। अगर वह वनडे में 20-25 ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं तो अकेले मैच पलट सकते हैं।

बुधवार को सुनील गावस्कर ने कहा, “पिछले दो सालों से वह इसी अप्रोच को अपना रहे हैं। इसकी शुरुआत भारत में वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी और वह इसी फॉर्मूले पर टिके हुए हैं। उन्हें कुछ सफलता मिली है, हालांकि शायद उतनी नहीं जितनी उनकी प्रतिभा को मिलनी चाहिए। वह एक अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जिनके पास ऐसे शॉट हैं जो खेल में बहुत कम लोगों के पास हैं।”

थोड़ा विवेक होना चाहिए- सुनील गावस्कर

गावस्कर ने रोहित को लेकर कहा, “उन्हें इस बारे में भी सोचना चाहिए। आक्रामक होकर खेलना एक बात है, लेकिन 25-30 ओवर तक बल्लेबाजी करने के लिए कहीं न कहीं थोड़ा विवेक होना चाहिए। अगर वह ऐसा करते हैं, तो वह विपक्षी टीम से खेल छीन लेंगे। इस तरह का प्रभाव मैच जीतने वाला होता है। मुझे लगता है, एक बल्लेबाज के तौर पर, क्या आप 25-30 रन बनाकर खुश हैं? आपको नहीं होना चाहिए! इसलिए मैं उनसे यही कहूंगा: अगर आप सिर्फ सात, आठ या नौ ओवर के बजाय 25 ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं तो टीम पर आपका प्रभाव और भी ज्यादा होगा।”

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