T20 वर्ल्ड कप के 3 रिकॉर्ड जो शायद कभी नहीं टूटेंगे

T20 वर्ल्ड कप के 3 रिकॉर्ड जो शायद कभी नहीं टूटेंगे

2007 से 2021 तक बने ऐसे ऐतिहासिक कारनामे, जिन्हें आधुनिक और संतुलित T20 क्रिकेट में दोहराना लगभग नामुमकिन है

T20 World Cup (Image credit Twitter - X)
T20 World Cup (Image credit Twitter – X)

7 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप से पहले एक बार फिर टूर्नामेंट के इतिहास और उससे जुड़े अद्भुत रिकॉर्ड चर्चा में हैं। भले ही T20 क्रिकेट सबसे छोटा फॉर्मेट है, लेकिन इसमें बने कुछ रिकॉर्ड इतने खास हैं कि आधुनिक क्रिकेट के दौर में उनका दोहराया जाना लगभग नामुमकिन लगता है।

आज का खेल ज्यादा संतुलित हो चुका है, एसोसिएट टीमें मजबूत हैं, रणनीति और एनालिटिक्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। ऐसे में शुरुआती दौर के कुछ रिकॉर्ड समय के साथ और भी असाधारण लगने लगे हैं। आइए जानते हैं T20 वर्ल्ड कप के ऐसे तीन रिकॉर्ड, जो शायद कभी नहीं टूटेंगे।

1. श्रीलंका की केन्या पर 172 रन की ऐतिहासिक जीत (2007)

2007 में खेले गए पहले ICC वर्ल्ड T20 में श्रीलंका ने केन्या को 172 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 6 विकेट पर 260 रन बनाए, जो उस समय अकल्पनीय स्कोर माना जाता था।

सनथ जयसूर्या ने 44 गेंदों में 88 रन ठोके, जबकि महेला जयवर्धने ने सिर्फ 27 गेंदों में 65 रन बनाए। जवाब में केन्या की पूरी टीम 88 रन पर सिमट गई। आज के दौर में एसोसिएट टीमें कहीं ज्यादा मजबूत हैं, इसलिए इतनी बड़ी जीत का अंतर दोहराना बेहद मुश्किल है।

2. युवराज सिंह का 12 गेंदों में अर्धशतक (2007)

युवराज सिंह का 2007 वर्ल्ड T20 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया तूफानी कैमियो क्रिकेट इतिहास का सबसे यादगार पल है। उन्होंने सिर्फ 12 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो आज तक नहीं टूट सका।

स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगाए गए छह छक्कों ने इस पारी को अमर बना दिया। युवराज ने 16 गेंदों में 58 रन बनाए। इतने कम गेंदों में 50 रन बनाना आज के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लगभग असंभव है।

3. लॉकी फर्ग्यूसन के 4 लगातार मेडन ओवर (2021)

न्यूजीलैंड के लॉकी फर्ग्यूसन ने T20 वर्ल्ड कप में पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ 4 ओवर में 0 रन देकर 3 विकेट लिए। उन्होंने लगातार चार मेडन ओवर फेंके, जो T20 जैसे आक्रामक फॉर्मेट में चमत्कार से कम नहीं है। आज के समय में बल्लेबाज हर ओवर में जोखिम लेने को तैयार रहते हैं, ऐसे में चार मेडन ओवर डालना शायद भविष्य में किसी गेंदबाज के लिए सिर्फ एक सपना ही रहेगा।

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