भुवनेश्वर कुमार ने क्यों ठुकराई ‘कमबैक’ की चर्चा, IPL 2026 में शांत दिमाग से कर रहे कमाल

भुवनेश्वर कुमार ने क्यों ठुकराई ‘कमबैक’ की चर्चा, IPL 2026 में शांत दिमाग से कर रहे कमाल

कमबैक की चर्चा से दूर, भुवनेश्वर सिर्फ अपने खेल पर दे रहे ध्यान

Bhuvneshwar Kumar (Image credit Twitter - X)
Bhuvneshwar Kumar (Image credit Twitter – X)

आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर कुमार एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए उन्होंने नई गेंद से स्विंग, डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी और दबाव में विकेट निकालकर साबित किया है कि अनुभव आज भी टी20 क्रिकेट में बड़ी ताकत है। 11 मैचों में 21 विकेट लेकर वह पर्पल कैप की रेस में बने हुए  हैं और RCB की सफलता में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उनके शानदार प्रदर्शन के बाद क्रिकेट जगत में टीम इंडिया में वापसी की चर्चा तेज हो गई है। कई पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत को अभी भी ऐसे गेंदबाज की जरूरत है जो पावरप्ले और डेथ ओवर दोनों में भरोसेमंद साबित हो सके। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि खुद भुवनेश्वर इस चर्चा से पूरी तरह दूर नजर आते हैं।

भुवनेश्वर ने साफ कहा कि अब वह लंबे लक्ष्य बनाकर नहीं चलते। उनका मानना है कि जब भी उन्होंने बहुत आगे की सोच रखी, चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं हुईं। यही वजह है कि अब वह सिर्फ वर्तमान पर ध्यान दे रहे हैं। शायद यही सोच उन्हें मानसिक रूप से हल्का और मैदान पर ज्यादा प्रभावी बना रही है।

शांत सोच और अनुभव से चमके भुवनेश्वर कुमार

36 साल की उम्र में भी उनकी गेंदों में वही नियंत्रण और समझ दिखाई दे रही है जिसके लिए वह जाने जाते हैं। भुवनेश्वर कभी सिर्फ तेज रफ्तार पर निर्भर गेंदबाज नहीं रहे। उनकी असली ताकत स्विंग, लाइन-लेंथ और बल्लेबाज को पढ़ने की क्षमता रही है। यही अनुभव इस सीजन में उन्हें बाकी गेंदबाजों से अलग बना रहा है।

भारत की तेज गेंदबाजी इस समय जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह के इर्द-गिर्द घूम रही है। लेकिन, लगातार क्रिकेट और चोटों की चिंता के बीच अनुभवी गेंदबाजों की अहमियत बढ़ जाती है। इसी कारण भुवनेश्वर के नाम पर चर्चा हो रही है। हालांकि, चयनकर्ताओं के सामने चुनौती यह भी है कि टीम को 2028 टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक को ध्यान में रखकर तैयार करना है।

भुवनेश्वर खुद भी इस सच्चाई को समझते हैं। उन्होंने अपने करियर में सफलता, चोट, आलोचना और वापसी सब कुछ देखा है। अब वह उस दौर में हैं जहां क्रिकेट उनके लिए सिर्फ चयन का जरिया नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम बन चुका है।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के बाद उन्हें आराम और रिकवरी का समय मिला, जिससे वह खुद को बेहतर तरीके से संभाल पाए। यही वजह है कि इस सीजन में वह ज्यादा फिट, फ्रेश और आत्मविश्वास से भरे दिखाई दे रहे हैं।

टीम इंडिया में उनकी वापसी होगी या नहीं, यह आने वाला समय तय करेगा। लेकिन फिलहाल भुवनेश्वर कुमार बिना किसी दबाव के अपने खेल का आनंद ले रहे हैं, और शायद यही उनकी सबसे बड़ी जीत है।

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