ENG vs IND 2026: 'हमने उन्हें ठीक से ट्रीट नहीं किया' - कुलदीप यादव को टीम से बाहर रखने पर भड़के आकाश चोपड़ा

ENG vs IND 2026: ‘हमने उन्हें ठीक से ट्रीट नहीं किया’ – कुलदीप यादव को टीम से बाहर रखने पर भड़के आकाश चोपड़ा

इंग्लैंड सीरीज के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने टीम चयन पर जताई नाराजगी

 Aakash Chopra (Image credit Twitter - X)
Aakash Chopra (Image credit Twitter – X)

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने स्पिनर कुलदीप यादव को लेकर टीम प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि कुलदीप लंबे समय से भारतीय टीम का हिस्सा हैं, लेकिन जब भी अंतिम एकादश चुनने की बारी आती है, उन्हें अक्सर बाहर बैठना पड़ता है।

चोपड़ा का मानना है कि टीम प्रबंधन लगातार वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि कुलदीप जैसे विकेट लेने वाले गेंदबाज को पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थिति सिर्फ मौजूदा सीरीज तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से देखने को मिल रही है।

हर बार सबसे पहले कुलदीप ही बाहर होते हैं

अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान आकाश चोपड़ा ने कहा कि जब भी टीम की रणनीति बदलती है या संयोजन में बदलाव की जरूरत पड़ती है, सबसे पहले कुलदीप यादव की जगह पर ही असर पड़ता है। चाहे भारत में मैच हो या विदेश में, कुलदीप को अक्सर बिना ज्यादा सोच-विचार के प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि कुलदीप ने कई मौकों पर मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार भरोसा नहीं मिल पा रहा। चोपड़ा के अनुसार यह खिलाड़ी बेहतर व्यवहार और ज्यादा अवसर का हकदार है।

आकाश चोपड़ा ने कहा कि वनडे क्रिकेट में बीच के ओवर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान टीम को ऐसे गेंदबाज की जरूरत होती है जो विकेट निकाल सके और मैच का रुख बदल दे। उनके मुताबिक कुलदीप यादव इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त खिलाड़ियों में से एक हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुलदीप कई वर्षों से भारतीय टीम का हिस्सा हैं, लेकिन उनके नाम के मुकाबले उन्हें बहुत कम मैच खेलने का मौका मिला है। जब भी कोई दूसरा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है या किसी ऑलराउंडर को शामिल करने की जरूरत होती है, कुलदीप को बाहर बैठना पड़ता है।

चोपड़ा का मानना है कि भारतीय टीम को कम से कम कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में लगातार अवसर देने की कोशिश करनी चाहिए। उनके अनुसार इतने प्रतिभाशाली स्पिनर का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं होना भारतीय टीम के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

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