500 गेंद…. घंटों की प्रैक्टिस….”- इस फॉर्मूले के साथ सरफराज खान ने किया स्पिनर्स को डिकोड
राजकोट टेस्ट की दोनों पारियों में सरफराज ने क्रमशः 62 और 68* रन बनाए।
अद्यतन - फरवरी 20, 2024 12:24 अपराह्न

घरेलू क्रिकेट में खुद को बार-बार साबित करने के बावजूद, सेलेक्टर्स सरफराज खान से प्रभावित नहीं थे और उन्होंने कभी भी भारत की टेस्ट टीम में चयन के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किया। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में विराट कोहली और केएल राहुल के अनुपलब्ध होने के कारण, सरफराज को टीम इंडिया के लिए पहला कॉल अप मिला और उन्होंने लगातार दो अर्धशतकों लगाकर उस मौके को भुनाया।
मुंबई में जन्मे क्रिकेटर ने अपनी पहली पारी में, 62 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में नाबाद 68 रन बनाए और इस मैच में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 434 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। इसके साथ ही, इस युवा खिलाड़ी ने बचे हुए दो टेस्ट मैचों के लिए प्लेइंग XI में अपनी जगह पक्की कर ली है।
सरफराज खान हर दिन 500 गेंदें खेलता था- कोच का बड़ा खुलासा
मुंबई में स्पिन के अनुकूल पिचों पर खेलने के कारण, सरफराज इंग्लैंड के स्पिनरों के खिलाफ अच्छे दिखे, जिससे कप्तान रोहित शर्मा भी प्रभावित हुए। इस बीच, उन्होंने COVID-19 लॉकडाउन के दौरान अपने पिता नौशाद खान और अन्य कोचों से भी ट्रेनिंग लिया। इसी बीच सरफराज के एक कोच ने खुलासा किया कि 26 वर्षीय खिलाड़ी हर दिन 500 गेंदें खेलता था और विभिन्न परिस्थितियों में खेलने के लिए बहुत यात्रा करता था।
NDTV के हवाले से कोच ने कहा कि, “मुंबई में ओवल, क्रॉस और आजाद मैदान पर हर दिन ऑफ, लेग और बाएं हाथ के स्पिनरों की 500 गेंदें खेलने से ऐसा हो पाया। (कोविड) लॉकडाउन के दौरान उसने कार से 1600 किमी का सफर किया। मुंबई से अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ, कानपुर, मथुरा और देहरादून।
उसने ऐसी जगहों पर खेला जहां गेंद बहुत अधिक टर्न करती है, कुछ गेंद काफी उछाल लेती हैं और कुछ नीची रहती हैं। स्पिनरों के खिलाफ आसानी से कदमों का इस्तेमाल करने वाले सरफराज ने अपने कौशल को निखारने के लिए कड़ी मेहनत की है।
सरफराज को तैयार करने का श्रेय हालांकि सिर्फ नौशाद को नहीं जाता। भुवनेश्वर कुमार के कोच संजय रस्तोगी, मोहम्मद शमी के कोच बदरूद्दीन शेख, कुलदीप यादव के कोच कपिल देव पांडे, गौतम गंभीर के कोच संजय भारद्वाज और भारत-ए के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के पिता आरपी ईश्वरन ने भी सरफराज को निखारने में कुछ ना कुछ योगदान दिया है। इन सभी ने स्पिनरों के खिलाफ सरफराज के नेट सेशन का आयोजन किया विशेषकर कोविड लॉकडाउन के दौरान।