अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में एक बार फिर से अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं करुण नायर
करुण नायर ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की ओर से तिहरा शतक जड़ा है।
अद्यतन - अगस्त 20, 2024 7:43 अपराह्न

बेहतरीन बल्लेबाज करुण नायर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करने के लिए बेताब हैं। बता दें, करुण नायर ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की ओर से तिहरा शतक जड़ा है। उनके अलावा भारतीय टीम की ओर से वीरेंद्र सहवाग ने यह उपलब्धि दो बार अपने नाम की है। करुण नायर की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में शानदार हुई थी, कुछ खराब पारी खेलने की वजह से उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया।
दाएं हाथ का यह खिलाड़ी इस समय महाराजा ट्रॉफी KSCA टी20 2024 में मैसूर वॉरियर्स की ओर से खेल रहा है। 19 अगस्त को खेले गए मुकाबले में करुण नायर ने मैंगलोर ड्रैगंस के खिलाफ 48 गेंदों में 13 चौके और 9 छक्कों की मदद से 124* रनों की मैच विनिंग पारी खेली।
मैच खत्म होने के बाद मैसूर वॉरियर्स के कप्तान नायर ने कहा कि वो इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी को जीतने के लिए बेताब है और साथ ही भारतीय टेस्ट टीम में भी अपनी जगह वापस हासिल करना चाहते हैं।
ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक, करुण नायर ने कहा कि, ‘मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं इस समय अपने बेहतरीन फॉर्म में हूं। मुझे पता है कि इस समय मेरा खेल कहां है। मैं बस यही चाहता हूं कि मुझे ज्यादा से ज्यादा मौके मिले और उसको मैं अच्छी तरह से भुना पाऊं। मेरा यही फोकस है कि मैं अपनी टीम की ओर से ज्यादा से ज्यादा रन बना पाऊं। हर सुबह मेरा यही सपना होता है कि मैं टेस्ट क्रिकेट में वापसी करूं। मुझे ट्रॉफी जीतना पसंद है। रणजी ट्रॉफी का पिछला सीजन मैं मिस कर गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।’
करुण नायर ने 2016 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था
बता दें, नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली में 2016 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने चेपॉक में खेले गए महत्वपूर्ण मैच में 381 गेंदों में 303 रनों की नाबाद पारी खेली थी। हालांकि, अगली चार टेस्ट पारियों में उन्होंने सिर्फ 54 रन बनाए थे, जिसके बाद करुण नायर को भारतीय टेस्ट टीम से हटा दिया गया था।
पिछले साल करुण नायर को घरेलू सीजन में विदर्भ की ओर से खेलते हुए देखा गया था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 690 रन बनाए थे और अपनी टीम को फाइनल में जगह दिलाई थी। हालांकि फाइनल में विदर्भ को मुंबई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। विजय हजारे ट्रॉफी में इस अनुभवी खिलाड़ी ने 7 पारी में 46 की औसत से 230 रन बनाए थे।