इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन को बाहर करने पर अश्विन का बड़ा बयान, बोले 'उनके साथ हमेशा गलत होता है'

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन को बाहर करने पर अश्विन का बड़ा बयान, बोले ‘उनके साथ हमेशा गलत होता है’

टीम चयन पर चर्चा के बीच अश्विन का बयान, क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया

Sanju Samson Gambhir (Image credit Twitter - X)
Sanju Samson Gambhir (Image credit Twitter – X)

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। अश्विन का मानना है कि संजू को लगातार तीन खराब पारियों के आधार पर टीम से बाहर करना सही फैसला नहीं था। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया, लेकिन अश्विन के अनुसार टीम प्रबंधन को संजू पर थोड़ा और भरोसा दिखाना चाहिए था।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि यह बात केवल वह ही नहीं, बल्कि टीम प्रबंधन और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी अच्छी तरह जानते होंगे कि संजू के साथ पूरी तरह न्याय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए लगातार मौके मिलना बेहद जरूरी होता है। अगर कोई खिलाड़ी कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद थोड़ी खराब फॉर्म से गुजर रहा है, तो उसे तुरंत बाहर कर देना उसके आत्मविश्वास पर असर डाल सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अब टीम शायद संजू को नंबर तीन के विकल्प के रूप में देखेगी, लेकिन जिस तरह उन्हें बाहर किया गया, उससे खिलाड़ी के मनोबल पर असर पड़ना स्वाभाविक है। अश्विन ने याद दिलाया कि संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था और टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी।

उनके मुताबिक, जिस खिलाड़ी ने लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन किया हो, उसे कुछ खराब पारियों के बाद भी समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के करियर में खराब दौर आता है, और ऐसे समय में टीम का भरोसा सबसे ज्यादा मायने रखता है।

सोशल मीडिया के प्रभाव पर भी जताई चिंता

अश्विन ने भारतीय टीम के फैसलों को लेकर एक और बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और बाहरी दबाव का असर टीम चयन पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत हमेशा यह रही है कि ड्रेसिंग रूम के फैसले बाहरी शोर से प्रभावित नहीं होते थे।

अगर अब ऐसा हो रहा है, तो यह भविष्य के लिए चिंता की बात हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों का मूल्यांकन केवल उनके प्रदर्शन और क्षमता के आधार पर करेगा, न कि बाहरी प्रतिक्रियाओं को देखकर।

close whatsapp