वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में कैसे पहुंचेगी टीम इंडिया, समझिए पूरा गणित
एजबेस्टन टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को 7 विकेट से मात दी थी।
अद्यतन - जुलाई 6, 2022 3:43 अपराह्न

एजबेस्टन में पुनर्निर्धारित पांचवें टेस्ट में भारत को इंग्लैंड से करारी हार का सामना करना पड़ा। मेजबान टीम ने चौथी पारी में रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए इस सीरीज को बराबरी पर खत्म किया। इस हार के साथ-साथ स्लो ओवर रेट के चलते वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल से दो अंक भी काट लिए गए हैं। इसके बाद भारत WTC पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
दक्षिण अफ्रीका में लगातार दो हार और बर्मिंघम में हारने के बाद रोहित शर्मा और उनकी टीम के अगले साल डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं पर गहरा असर पड़ा है। लेकिन उनके पास अभी भी अन्य देशों की मदद से फाइनल में पहुंचने का मौका है। भारत वर्तमान में 52.08 की जीत% के साथ चौथे स्थान पर है, और वो सबसे अधिक 68.05% तक जा सकता है, यह देखते हुए कि वे अपने बचे हुए छह टेस्ट (बांग्लादेश के खिलाफ दो और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार) मैच में जीत हासिल करते हैं।
भारत को WTC फाइनल में जगह बनाने के लिए करनी होगी कड़ी मेहनत
लेकिन भले ही भारत बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज व्हाइटवॉश करने में कामयाब होता है, तब भी उन्हें डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने के लिए अन्य टीमों पर निर्भर रहना होगा। ऑस्ट्रेलिया ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है और फाइनल में जगह बनाने के प्रबल दावेदारों में से एक है। लेकिन अगर वे भारत के खिलाफ चार मैच हार जाते हैं और अपने शेष छह टेस्ट मैचों में से एक ड्रा करते हैं, तो भारत ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ते हुए पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच जाएगा।
लगातार दूसरे डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने के भारत के सपने को दक्षिण अफ्रीका से सबसे बड़ा खतरा है, क्योंकि प्रोटियाज वर्तमान में दूसरे स्थान पर काबिज है। लेकिन उनके लिए आगे की राह आसान नहीं है क्योंकि वे तीन टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम से भिड़ेंगे और फिर वेस्टइंडीज (दो टेस्ट) और ऑस्ट्रेलिया (तीन टेस्ट) से भिड़ेंगे। अगर भारत अपने बाकी के छह मैच जीत जाता है और दक्षिण अफ्रीका अपने आठ में से तीन मैच हार जाता है तो पॉइंट्स टेबल में भारत दक्षिण अफ्रीका से ऊपर हो जाएगा।
भारत के चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान की नजर अपने पहले डब्ल्यूटीसी फाइनल पर होगी, लेकिन उसे अपने शेष सात टेस्ट में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। वे इंग्लैंड (तीन टेस्ट), न्यूजीलैंड (दो टेस्ट) और श्रीलंका (दो टेस्ट) के खिलाफ मैच खेलेंगे। उन्हें अपने शेष सात मैचों में से कम से कम छह जीतने की जरूरत होगी ताकि वे भारत से ऊपर रह सकें।