IND vs ENG: “नंबर 3 पर बल्लेबाजी करना एक अलग ही चुनौती होती है”- अपनी खराब फॉर्म को लेकर बोले गिल
पिछले दो टेस्ट मैचों में शुभमन गिल ने बल्ले से किया है शानदार प्रदर्शन।
अद्यतन - Feb 22, 2024 11:06 am

इंग्लैंड के खिलाफ चल रही पांच मैचों की सीरीज से पहले शुभमन गिल खराब प्रदर्शन से जूझ रहे थे और वो नौ पारियों में कोई बड़ा स्कोर नहीं बना पाए थे। तीसरे नंबर पर जाने के बाद, रेड-बॉल क्रिकेट में उनका फॉर्म और भी खराब हो गया था। उसके बाद कई पूर्व क्रिकेटरों ने दावा किया कि चेतेश्वर पुजारा को प्लेइंग इलेवन में वापसी करनी चाहिए, खासकर तब जब कुछ सीनियर क्रिकेटर टीम में मौजूद नहीं थे।
हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में अब तक खेले गए तीन टेस्ट मैचों में गिल ने अपनी फॉर्म हासिल कर ली है। उन्होंने विशाखापत्तनम में मैच विनिंग शतक (104 रन) और राजकोट में 91 रन की शानदार पारी खेली और 42 की औसत से कुल 252 रन बनाए। इसी बीच रांची टेस्ट मैच से पहले गिल ने अपने फॉर्म को लेकर बात की और बताया कि वो अपने खराब फॉर्म से कैसे बाहर आए।
अपने खराब फॉर्म को लेकर बोले शुभमन गिल
NDTV के हवाले से शुभमन गिल ने कहा कि, “यह थोड़ा कठिन है (अपनी उम्मीदों पर खरा उतरना)। जब बाहर के लोग उन सब चीजों के बारे में बात करते थे तो इससे मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ता था.’ लेकिन जो उम्मीदें मैंने खुद से रखीं, उससे मुझे थोड़ी निराशा हुई।”
उन्होंने आगे कहा कि, “आपसे निश्चित रूप से कुछ उम्मीदें होंगी कि आप टीम, देश के लिए कैसे खेलना चाहते हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे मेरी मानसिकता में कोई बदलाव आया है। मुझे अब भी अपने लिए वही उम्मीदें हैं। यह सब इस बारे में है कि आप उन्हें कैसे भूल पाते हैं और तेजी से आगे बढ़ते हैं और अगली चुनौती के लिए तैयार रहते हैं। एक बड़े खिलाड़ी और एक औसत खिलाड़ी के बीच यही अंतर है।”
24 वर्षीय खिलाड़ी वेस्टइंडीज दौरे के बाद से एक भी अर्धशतक बनाने में असफल रहे जब उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, विशाखापत्तनम में वह फॉर्म में लौट आए और पिछले दो मैचों में रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम के लिए कुछ महत्वपूर्ण रन बनाए। इस बीच, गिल ने स्वीकार किया कि नंबर 3 पर बल्लेबाजी करना एक अलग ही चुनौती होती है।