IPL 2022: रवि शास्त्री ने आईपीएल में MI और DC के संघर्ष के पीछे के बड़े कारण का किया खुलासा
रवि शास्त्री ने आईपीएल 2022 में MI और DC के संघर्ष के पीछे की बड़ी वजह बताई!
अद्यतन - Apr 10, 2022 12:08 pm

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की सबसे सफल टीम मुंबई इंडियंस (MI) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) जारी सीजन में सबसे संघर्षरत फ्रेंचाइजियों में से दो है। मुंबई इंडियंस (MI) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने जारी आईपीएल 2022 (IPL 2022) में अब तक क्रमशः चार और तीन मैच खेल चुकी है, लेकिन दिल्ली के केवल एक ही मैच जीता है, वहीं मुंबई अब तक खाता तक नहीं खोल पाई है।
आपको बता दें, मुंबई इंडियंस (MI) ने पांच बार आईपीएल (IPL) खिताब जीता है, लेकिन जारी आईपीएल 2022 (IPL 2022) में आलम ऐसा है कि फ्रेंचाइजी अब तक अपना खाता भी नहीं खोल पाई है, और अंकतालिका में नौवें स्थान पर काबिज है। बात करे, दिल्ली कैपिटल्स (DC) की तो, वे दो पॉइंट्स के साथ सातवे नंबर हैं।
दिल्ली कैपिटल्स (DC) और मुंबई इंडियंस (MI) के संघर्ष की कहानी पर अपनी राय देते हुए भारत के पूर्व मुख्य कोच और क्रिकेट पंडित रवि शास्त्री ने कहा ये दोनों फ्रेंचाइजियों के पास सबसे कम प्रभावी गेंदबाजी आक्रमण है, और इसी कारण ये जारी आईपीएल 2022 (IPL 2022) में बुरे दौर से गुजर रही हैं।
रवि शास्त्री ने MI और DC की सबसे बड़ी कमजोरी का किया खुलासा
उन्होंने इस तथ्य पर जोर दिया कि ट्रेंट बोल्ट और पांड्या ब्रदर्स- हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या की अनुपस्थिति ने मुंबई इंडियंस (MI) के गेंदबाजी हमले को कमजोर कर दिया है। कहानी दिल्ली कैपिटल्स (DC) के साथ भी वही है, उन्होंने कहा टीम को स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की कमी बहुत खल रही है।
रवि शास्त्री ने ESPNCricinfo से कहा: “दो टीमें जिनका गेंदबाजी विभाग कमजोर है, वे मुंबई और दिल्ली है। मैं यह नहीं कहूंगा कि गुजरात एक मजबूत टीम नहीं है। उनके पास वहां काफी अच्छे खिलाड़ी हैं। लेकिन अगर आप देखें कि इस सीजन से पहले मुंबई और दिल्ली टीम क्या थी और अब क्या हैं, इसलिए तुलना की जाती है।”
उन्होंने अंत में कहा, “दिल्ली के पास कगिसो रबाडा और एनरिक नॉर्टजे थे। मुंबई के पास क्रुणाल, हार्दिक और बोल्ट थे, और साथ ही जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी से उनका गेंदबाजी हमला मानो जैसे एक दोधारी तलवार था। अब ये दोनों टीमें अपने पूर्व खिलाड़ियों की कमी महसूस कर रही है, क्योंकि उसके पास धक्का देने की मारक क्षमता की कमी है, और दिल्ली तो अब इसे एक हद तक महसूस भी कर रही है।”