'मैं पूरी तरह खत्म हो चुका था' विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी छोड़ने की असली वजह बताई

‘मैं पूरी तरह खत्म हो चुका था’ विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी छोड़ने की असली वजह बताई

लगातार दबाव और जिम्मेदारियों के बीच विराट कोहली ने बताया क्यों छोड़नी पड़ी भारत की टेस्ट कप्तानी

virat kohli (Image credit Twitter - X)
virat kohli (Image credit Twitter – X)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने पहली बार खुलकर बताया है कि आखिर उन्होंने टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला क्यों लिया था। कोहली ने कहा कि लगातार कप्तानी और टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालते-संभालते वह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थक चुके थे।

कोहली ने बताया कि उस दौर में वह सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि टीम की पूरी बल्लेबाजी इकाई का केंद्र बन चुके थे। साथ ही कप्तान होने के कारण हर फैसले का दबाव भी उन्हीं पर था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस बात का एहसास नहीं हुआ कि दोनों जिम्मेदारियां मिलकर उनकी निजी जिंदगी और मानसिक स्थिति पर कितना असर डाल रही हैं।

आरसीबी इनोवेशन लैब में बातचीत के दौरान कोहली ने कहा कि भारतीय क्रिकेट को लगातार शीर्ष पर बनाए रखने की उनकी चाहत इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने खुद की थकान पर कभी ध्यान ही नहीं दिया।

कोहली के अनुसार, जब तक उन्होंने कप्तानी छोड़ी, तब तक वह पूरी तरह टूट चुके थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके अंदर आगे बढ़ने की ऊर्जा खत्म हो चुकी थी। कोहली ने उस दौर को “बेहद कठिन और थका देने वाला’ बताया।

पूर्व कप्तान ने कहा कि हर मैच में टीम को जीत दिलाने की उम्मीद, खिलाड़ियों को संभालना और खुद रन बनाना आसान नहीं था। लगातार दबाव ने उन्हें अंदर से काफी प्रभावित किया। यही वजह रही कि दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टेस्ट सीरीज हारने के बाद उन्होंने 2022 में कप्तानी छोड़ने का फैसला किया।

भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में शामिल

कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 68 टेस्ट मुकाबले खेले, जिनमें से 40 में जीत हासिल की। उनकी आक्रामक सोच और फिटनेस संस्कृति ने भारतीय टेस्ट टीम को नई पहचान दी। विदेशों में जीत दर्ज करना भी उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में माना जाता है।

हालांकि, कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली की बल्लेबाजी में गिरावट देखने को मिली। धीरे-धीरे उनका प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और आखिरकार उन्होंने 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया।

अपने टेस्ट करियर में कोहली ने 123 मैचों में 9230 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 46.85 रहा और उन्होंने 30 शतक भी लगाए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पुणे में खेली गई नाबाद 254 रन की पारी उनके टेस्ट करियर की सबसे बड़ी और यादगार पारी रही।

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