किंग कोहली को मिल गया मुल्तान के सुल्तान का साथ - क्रिकट्रैकर हिंदी

किंग कोहली को मिल गया मुल्तान के सुल्तान का साथ

कोहली नंबर तीन पर जो स्थिरता प्रदान करते हैं वह दूसरा कोई बल्लेबाज नहीं दे सकता: आशीष नेहरा

Virat Kohli and Virender Sehwag
Virat Kohli and Virender Sehwag. (Photo Source: Getty Images)

मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ आखिरी लीग मैच जीत के साथ भारत ने इस टूर्नामेंट को खत्म किया, इसके साथ ही कप्तान के रूप में विराट कोहली का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। हालांकि इस टूर्नामेंट में बतौर कप्तान वह जिस तरह का परिणाम चाहते थे वो उन्हें नहीं मिला, लेकिन इस फॉर्मेट में बतौर बल्लेबाज कोहली का आंकड़ा शानदार रहा है।

इसी क्रम में पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने टी-20 टीम में कोहली की जगह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है टीम में उनके जगह को लेकर सवाल करना गलत होगा। क्रिकबज के शो पर सहवाग ने कहा कि, “चाहे कितने भी युवा खिलाड़ी आ जाएं, कोई दूसरा कोहली नहीं हो सकता। इस टीम के साथ भी उन्होंने जिस तरह निरंतरता के साथ प्रदर्शन किया है, उसको देखते हुए टी-20 वर्ल्ड कप में उनकी जगह को लेकर सवाल पूछना सही नहीं होगा। वह जब तक चाहे टी-20 फॉर्मेट में खेल सकते हैं।”

आशीष नेहरा ने भी जताई सहवाग की बात पर सहमति

पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने भी सहवाग की बात से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि कोहली तीन नंबर पर जो स्थिरता प्रदान करते हैं वह कोई और बल्लेबाज नहीं दे सकता है। नेहरा ने सहवाग की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि, “आपको कोई भी बल्लेबाज वह स्थिरता नहीं दे सकता जो विराट कोहली देते हैं। आप अपनी बल्लेबाजी क्रम में सिर्फ पावर-हिटर्स को नहीं रख सकते। आपको अपनी टीम में अनुभव और युवा खिलाड़ियों का सही मेल रखना होगा।”

विराट कोहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय में दुनिया के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। कोहली ने 95 टी-20 मैचों की 87 पारियों में 52.05 के औसत से 3227 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 137.91 का रहा। साथ ही इस फॉर्मेट में उनके नाम 29 अर्धशतक भी दर्ज हैं।

कोहली ने बतौर कप्तान 50 टी-20 मैचो में टीम की अगुआई की। इसमें से भारत ने कुल 32 मैच जीते। भारतीय टीम इस दौरान 16 मैच हारी और 2 का कोई नतीजा नहीं निकला। हालांकि इस फॉर्मेट में उनके लिए एक कमी रह गई कि वह कप्तान के रूप में वर्ल्ड कप और IPL की एक भी ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर सके।