मोईन अली ने दीप्ति शर्मा-चार्ली डीन विवाद पर कहा- 'मैं तो बचपन में भी ऐसा नहीं कर पाता था' - क्रिकट्रैकर हिंदी

मोईन अली ने दीप्ति शर्मा-चार्ली डीन विवाद पर कहा- ‘मैं तो बचपन में भी ऐसा नहीं कर पाता था’

मोईन अली ने दीप्ति शर्मा द्वारा इंग्लैंड की बल्लेबाज को मांकड़ करने पर नाराजगी जताई है।

Moeen Ali and Deepti Sharma (Image Source: Getty Images)
Moeen Ali and Deepti Sharma (Image Source: Getty Images)

इंग्लैंड के अनुभवी ऑलराउंडर मोईन अली ने दीप्ति शर्मा-चार्ली डीन विवाद पर अपनी राय साझा की है। इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के उप-कप्तान मोईन अली ने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े बल्लेबाज द्वारा गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले ही आगे बढ़ने पर रन-आउट देने के नियम को प्रबंधित करने का सुझाव दिया है, और साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए अन्य तरीकों की सिफारिश भी की है।

आपको बता दें, दीप्ति शर्मा ने चार्ली डीन को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर उनके गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज छोड़ने के लिए रन-आउट किया था, और भारत को लॉर्ड्स में 3-0 से ऐतिहासिक वनडे सीरीज जीतने में मदद की थी। जिसके बाद से मांकड़ का मुद्दा क्रिकेट बिरादरी के बीच चर्चा का गर्म मुद्दा बन गया है।

मैं तो बचपन में भी ऐसा नहीं कर पाता था: मोईन अली

हालांकि, मोईन अली ने स्वीकार किया कि नॉन-स्ट्राइकर के छोर पर अगर बल्लेबाज गेंद फेंकने के पहले ही आगे बढ़ जाता है, तो उसे रन आउट दिया जाना नियम पुस्तिका में दिया गया है, लेकिन उन्होंने दीप्ति शर्मा द्वारा इंग्लैंड की बल्लेबाज को मांकड़ करने पर नाराजगी जताई है।

मोईन अली ने द टेलीग्राफ के हवाले से कहा: “किसी भी खिलाड़ी को मांकड़ करना मेरी किताब में लिखा नहीं है, और ना ही मुझे लगता है कि मैं ऐसा कभी भी कर पाऊंगा, खासकर तब तक जब तक कि मैं सच में किसी से नाराज नहीं हो जाता। अगर नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़ा बल्लेबाज गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले ही दौड़ने के लिए आगे बढ़ जाता है, तो उसे रन-आउट करना क्रिकेट के कानूनों में है, और इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है, खिलाड़ियों के पास इसका अधिकार है।

मोईन अली ने मांकडिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि मांकड़ की घटना क्रिकेट के खेल में नियमित रूप से देखने को न मिले। खिलाड़ियों को मांकड़ के द्वारा विकेट लेना आसान होता है, जबकि रन-आउट के साथ-साथ अन्य सभी विकेटों के लिए बहुत मेहनत करनी होती है। मांकड़ में गेंदबाज सिर्फ नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े खिलाड़ी का इंतजार करता है और बेल्स गिराकर विकेट ले लेता है। मैं तो बचपन में भी ऐसा नहीं कर पाता था।”

इंग्लैंड के ऑलराउंडर ने आगे इस तरह से रन-आउट किए जाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, और इस समस्या का समाधान सुझाते हुए कहा: “मेरा मानना है कि नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े किसी भी खिलाड़ी के लिए क्रीज के अंदर बने रहना मुश्किल है, शायद ही ऐसा कोई करता है, क्योंकि वह गेंदबाज को एक्शन में आने के बाद नहीं देखता है। इसलिए मुझे सच में लगता है कि इस नियम को बैन कर देना चाहिए। मुझे लगता है जिस तरह से अंपायर नो-बॉल को देखते हैं, वे मांकड़ में भी ऐसा ही कर सकते है।”