क्रिकेट से सिर्फ 30 लाख कमाकर वापस रांची लौटना चाहते थे- वसीम जाफर ने किया MSD से जुड़ा बड़ा खुलासा - क्रिकट्रैकर हिंदी

क्रिकेट से सिर्फ 30 लाख कमाकर वापस रांची लौटना चाहते थे- वसीम जाफर ने किया MSD से जुड़ा बड़ा खुलासा

वसीम जाफर ने कहा कि, धोनी अक्सर कहते रहते थे कि वह 30 लाख कमाना चाहते हैं ताकि वह अपनी बाकी जिंदगी रांची में शांति से बिता सके।

MS Dhoni And Wasim Jaffer (Photo Source: Twitter)
MS Dhoni And Wasim Jaffer (Photo Source: Twitter)

भारत के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 42वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। वह सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने कई बड़े खिताब जीते हैं। साथ ही उन्होंने अपनी बेहतरीन कप्तानी के दम पर चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार आईपीएल टाइटल का खिताब जितवाया है।

वहीं उनके साथी खिलाड़ी और पूर्व भारतीय खिलाड़ी वसीम जाफर ने एक इंटरव्यू में धोनी से जुड़ा एक किस्सा का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि MSD सिर्फ 30 लाख रुपए कमाकर रांची वापस जाना चाहते थे और वहीं अपनी बाकी की जिंदगी गुजारना चाहते थे।

दरअसल स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए एक इंटरव्यू में वसीम जाफर ने कहा कि, मुझे याद है कि मैंने साल 2005 में टीम में वापसी की थी और धोनी उस वक़्त टीम में नए थे। दरअसल उन्होंने साल 2004 के अंत में (दिसंबर 2004) ODI क्रिकेट खेलकर अपनी शुरुआत की थी। मैं उस वक़्त तब टेस्ट क्रिकेट खेलता था। हम पीछे बैठते थे। मैं, मेरी पत्नी, धोनी और आरपी सिंह, दिनेश कार्तिक, उनकी पत्नी, हम सभी पिछली सीटों पर बैठते थे। धोनी ज्यादार मेरी पत्नी से काफी बातें करते थे क्योंकि हम साथ बैठते थे और हम सब खूब बातें भी करते थे।

वह अक्सर कहते रहते थे कि वह 30 लाख कमाना चाहते हैं- वसीम जाफर 

वसीम जाफर ने आगे कहा कि, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वह रेलवे में काम करते थे और उन्हें अपने क्रिकेट का अभ्यास करने के लिए काफी यात्रा करनी पड़ती थी। बहुत ज्यादा संघर्ष के बाद भी कई बार ऐसा भी हुआ जब उन्हें खेलने का मौका ही नहीं मिला। मुझे लगता है कि तब उन्होंने वह नौकरी छोड़ दी या कुछ और बात रही थी। वह अक्सर कहते रहते थे कि वह 30 लाख कमाना चाहते हैं ताकि वह अपनी बाकी जिंदगी रांची में शांति से बिता सके। दरअसल वह रांची भी नहीं छोड़ना चाहते।

वसीम जाफर ने कहा कि, चाहे कुछ भी हो जाए, वह रांची कभी नहीं छोड़ेंगे। दरअसल वह उस समय इंटरनेशनल सेटअप में बहुत नए थे, इसलिए वह कहा करते थे, अगर मैं 30 लाख कमाता हूं तो यह मेरे लिए शांति से रहने के लिए पर्याप्त होगा। वह इसी तरह ज़मीन से जुड़ें हुए थे और मुझे लगता है कि वह अब भी ज़मीन से जुड़े हुए हैं। इतने समय बाद अपने करियर में इतना कुछ हासिल करने के बाद भी उस इंसान में विनम्रता है। उनके छोटे लक्ष्य और छोटे उद्देश्य हैं।

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