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अब कोहली और जड़ेजा से भी कम हो सकती है धोनी की सैलरी, BCCI लाया नया प्लान

टीम इंडिया की प्रगति को देखतें हुए BCCI ने खिलाडियों की सैलरी बढाने का फैसला लिया था.

MS Dhoni
MS Dhoni. (Photo by ISHARA S. KODIKARA/AFP/Getty Images)

भारतीय क्रिकेट के वन मैन आर्मी कहें जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी जिन्होंने अपनी कप्तानी में एक नहीं बल्कि 2-2 वर्ल्ड कप (2007 T20 व 2011) जिता कर सभी हिन्दुस्तानियों के दिलो में एक बेहद ही ख़ास जगह बनायी. धोनी के निरक्षण में भारतीय क्रिकेट दिन प्रति दिन उंचाईयों की ओर बढ़ता चला गया जिसके चलते आज टीम इंडिया के सामने पूरें विश्व क्रिकेट की टीमें पानी मांग देती है.

टीम इंडिया की इसी तरह प्रगति को देखतें हुए BCCI ने खिलाडियों की सैलरी बढाने का फैसला लिया था. जिसके लिए खिलाडियों को टॉप ग्रेड कॉन्ट्रैक्ट में बांटा जाना है.लेकिन सुनने में ये आ रहा है की पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टॉप ग्रेड का कॉन्ट्रैक्ट मिलना मुश्किल हो सकता है.इसका मतलब धोनी की सैलरी कप्तान कोहली व अन्य खिलाडियों की तुलना में कम हो सकती है.

इससे पहले कमिटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (CoA) ने 30 नवंबर को दिल्ली में विराट कोहली, धोनी और रवि शास्त्री के साथ एक मीटिंग में इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का पैसा बढ़ाने पर अप्रूवल दे दिया था, लेकिन लेटेस्ट मीटिंग में लिया गया फैसला धोनी के लिए मुश्किल हो सकता है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार CoA ने 3 जनवरी को हुई मीटिंग में खिलाडियों को चार ग्रेड कॉन्ट्रैक्ट में बांटने का फार्मूला तैयार किया था, जिसमें A+, A, B और C ग्रेड होंगे. इन्हीं ग्रेड्स के आधार पर खिलाड़ियों का पैसा बढ़ाया जाएगा, जिसका सभी लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे.

ग्रेड का वितरण

जो खिलाड़ी तीनो फॉर्मेट (टेस्ट,वन-डे,और T20) तीनो फॉर्मेट में खेलेगा वो A+ ग्रेड के अंतर्गत आएगा.इसके बाद अगर कोई खिलाडी किसी एक फॉर्मेट में नहीं खेल रहा है उसके आधार पर उसे नीचें के ग्रुप में रखा जायेगा.यानी उस खिलाडी की सैलरी उपर वाले ग्रुप के खिलाड़ी से कम होगी.

चूँकि धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुकें है अब ऐसे में उन्हें A+ ग्रेड में रखा जाना मुश्किल लगता है लेकिन खिलाड़ियों की ICC रैंकिंग और दूसरी चीजों पर भी ध्यान दिया जाएगा और इसी के आधार पर इन्हें ग्रेड मिलेगा.

कौन सा ग्रेड किस खिलाड़ी को देना ये सभी अधिकार सेलेक्टर के हाथों में होंगे जो सिर्फ नियमों के आधार पर ही नहीं बल्कि खिलाड़ी की योग्यता का मापन भी करेंगे.ऐसे में सिर्फ नियमों पर ही नहीं चला जाएगा, बल्कि खिलाड़ी को ग्रेड देने से पहले उसकी दूसरी चीज़ों पर भी ध्यान दिया जाएगा. CoA जल्द ही ग्रेड देने को लेकर अपने नियम BCCI की फाइनेंस कमिटी को सौंपेगा.

आपको बता दें की ग्रुप ए के खिलाडियों की पिछले साल तक एक करोड़ रूपए सालाना मिल रहे थे. जिसे बढ़ा कर  दोगुना कर दिया गया था लेकिन कॉन्ट्रैक्ट दोगुना होने के बाद भी खिलाड़ी संतुष्ट नहीं थे और खुद उस समय कोच रहे अनिल कुंबले ने CoA के सामने इसको लेकर प्रस्ताव रखा था. जिसमे उन्होंने ग्रेड A के खिलाडियों की सैलरी बढ़ा कर पांच करोड़ करने की मांग की थी.

BCCI ने ये ग्रेड सिस्टम खिलाड़ियों को उनकी योग्यता के अनुसार विभाजित करने के लियें बनाया है.जो भी खिलाड़ी जिस ग्रेड में होता है उसे उस ग्रेड के सालाना सैलरी के हिसाब से रकम दी जाती है.

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