आकिब जावेद की बिल्कुल नहीं सुनते हैं बाबर आजम, जाने क्या है पूरी बात
पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज आकिब जावेद ने टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए टीम की ओपनिंग साझेदारी को लेकर चयनकर्ताओं के चयन पर सवाल उठाया है।
अद्यतन - सितम्बर 20, 2022 3:12 अपराह्न

एशिया कप 2022 के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान का अभियान काफी निराशाजनक रूप से समाप्त हुआ। इस मुकाबले के बाद तमाम विशेषज्ञों और पूर्व क्रिकेटरों ने टीम की आलोचना की। इस पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तान कप्तान बाबर आजम का बल्ला खामोश रहा था।
इसी के साथ हाल ही में ICC टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए पाकिस्तान टीम का ऐलान हुआ। इस टीम को लेकर एक बार फिर से तमाम क्रिकेटर और विशेषज्ञ आलोचना कर रहे हैं। बता दें, इस मुख्य टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सात मुकाबलों की टी-20 सीरीज खेलनी है जो 20 सितंबर से शुरू होने वाली है। तमाम खिलाड़ियों को अगर अपना फॉर्म वापस पाना है तो यह सीरीज उनके लिए सबसे अच्छी रहेगी।
पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज आकिब जावेद ने टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए टीम की ओपनिंग साझेदारी को लेकर चयनकर्ताओं के चयन पर सवाल उठाया है।
आकिब जावेद ने पाक.टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि, ‘हमारी यही मानसिकता है कि हम इन दोनों खिलाड़ियों के ऊपर भरोसा करते हैं। यह दोनों ही काफी अच्छे बल्लेबाज हैं लेकिन कब? जब आप का स्कोर 150 से 160 हो या उसके नीचे। जब भी हमारा मुकाबला कराची किंग्स से होता है और लक्ष्य 180 के ऊपर होता है तो हम कभी भी बाबर आजम को जल्द आउट करने के बारे में नहीं सोचते हैं और ना ही इसकी कोशिश करते हैं।
वो अपनी गति से ही खेलते हैं और जरूरी रन रेट और बढ़ता जाता है। मोहम्मद रिजवान ने भी PSL में अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन जब दोनों साथ में खेलते हैं तो आपको एक जैसा ही प्रदर्शन देखने को मिलता है।’
हम आकिब जावेद को नहीं सुनते हैं: बाबर आजम
इंग्लैंड सीरीज से पहले प्रेस के साथ बातचीत के दौरान पाकिस्तानी कप्तान ने आकिब जावेद के बयान का जवाब दिया। बाबर आजम ने कहा कि टीम बाहरी लोगों के बयानों को नहीं सुनती है। वो उनका अपना पक्ष है लेकिन हमें इससे कोई मतलब नहीं।
बाबर आजम ने प्रेस से कहा कि, ‘ठीक है अगर आकिब जावेद वैसा सोचते हैं तो। सबका अपना-अपना नजरिया होता है और हमें लगता है कि पाकिस्तान के हिसाब से हमें सोचना चाहिए। यह उनका मानना होगा लेकिन हम उनकी बातों को नहीं सुनते हैं। हम टीम में बाहरी बातचीत के बारे में बात नहीं करते हैं। सभी खिलाड़ी अपनी जिंदगी में एक बार मुश्किल दौर से जरूर गुजरे होंगे इसलिए किसी को भी किसी के निजी-जीवन के बारे में बोलने का कोई हक नहीं है।’