बेन स्टोक्स के वनडे क्रिकेट से संन्यास पर नासिर हुसैन ने जताया आश्चर्य - क्रिकट्रैकर हिंदी

बेन स्टोक्स के वनडे क्रिकेट से संन्यास पर नासिर हुसैन ने जताया आश्चर्य

डरहम में 18 जुलाई का दिन काफी भावुक होने वाला है।

Ben Stokes and Nasser Hussain (Image Source: Getty Images)
Ben Stokes and Nasser Hussain (Image Source: Getty Images)

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर नासिर हुसैन ने वनडे क्रिकेट से बेन स्टोक्स के अप्रत्याशित संन्यास पर आश्चर्य व्यक्त किया है। 31-वर्षीय क्रिकेटर ने 50 ओवरों के प्रारूप से संन्यास की घोषणा कर दी है, और वह 19 जुलाई को डरहम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना अंतिम वनडे मुकाबला खेलेंगे।

नासिर हुसैन ने कहा वह बेन स्टोक्स के इस फैसले से हैरान है, और साथ ही इसके लिए उन्होंने ‘क्रेजी’ क्रिकेट शेड्यूल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा इस समय खेल के तीनों प्रारूपों में शामिल खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बहुत ज्यादा व्यस्त है, जिसके चलते स्टोक्स को यह कदम उठाना पड़ा।

नासिर हुसैन बेन स्टोक्स के फैसले से हैरान है

नासिर हुसैन ने डेली मेल के लिए अपने कॉलम में लिखा: “हां, मैं मानता हूं कि बेन स्टोक्स को कोई एक प्रारूप छोड़ना ही था, लेकिन यह एक वास्तविक शर्म की बात है कि यह वनडे क्रिकेट है, क्योंकि उन्होंने हमें तीन साल पहले लॉर्ड्स में वर्ल्ड कप में यादगार जीत दिलाई, जिसे इंग्लैंड का कोई भी प्रशंसक कभी नहीं भूल पाएगा।”

उन्होंने आगे कहा: “सच कहूं तो यह मेरे लिए बहुत ज्यादा चौंका देने वाली खबर है, लेकिन समस्या स्टोक्स के साथ नहीं है, बल्कि दोष अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का है। इस समय अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल खचाखच भरा हुआ है, और इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद अपने स्वयं के टूर्नामेंटों को भी इस कार्यक्रम में जोड़ता रहता है, वहीं प्रत्येक क्रिकेट बोर्ड भी अधिक से अधिक मैच और साथ ही घरेलू लीग भी खेलना चाहता है।”

बेन स्टोक्स के लिए टी-20 क्रिकेट को छोड़ देना बेहतर होता: नासिर हुसैन

बेन स्टोक्स के फैसले पर पूर्व कप्तान ने आगे कहा: “बेन ने जो किया है, मैं उसका सम्मान करता हूं। लेकिन मुझे लगता है कि वह आसानी से कुछ ODI मैचों में 70 या 80 प्रतिशत की दर से खेल सकता था। लेकिन वह केवल शत प्रतिशत देना जानता है, वह न तो टीम के साथ और ना ही अपने साथी खिलाड़ियों के साथ गलत कर सकता है। मुझे लगता है कि मैंने शायद उसे मनाने की कोशिश की होती कि वह बस एक ब्रेक लें, कुछ द्विपक्षीय क्रिकेट को छोड़ दें और उसे वर्ल्ड कप या बड़े टूर्नामेंट के लिए बचा लेता। वह वनडे क्रिकेट में एक बल्लेबाज के रूप में खेल सकता था, ताकि अगले साल भारत में होने वाले वर्ल्ड कप में वह हिस्सा ले सके।

लेकिन स्टोक्स निस्वार्थ होने के महत्व के बारे में बात करता है, और वह इसे एक स्वार्थी बात मानता है, क्योंकि जैसा उसने कहा कि वह अब अपना शत प्रतिशत नहीं दें सकता है। यह तर्क देना गलत नहीं होगा कि बेन स्टोक्स के लिए टी-20 क्रिकेट को छोड़ देना बेहतर होता, लेकिन 50 ओवर के मैच आपसे बहुत कुछ लेते हैं, और फिर वह आईपीएल और अन्य टी-20 लीगों का हिस्सा बनना चाहते होंगे। डरहम में 18 जुलाई का दिन काफी भावुक होने वाला है। वहां बेन स्टोक्स के फैंस उनके साथ खड़े रहेंगे और 50 ओवर के क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए उन्होंने जो कुछ भी किया है, उसके लिए उनका शुक्रिया अदा करेंगे। हम उसे जरूर मिस करेंगे।”

 

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