संन्यास के बाद डेल स्टेन ने साझा किया भारत में अपने खेलने का अनुभव - क्रिकट्रैकर हिंदी

संन्यास के बाद डेल स्टेन ने साझा किया भारत में अपने खेलने का अनुभव

डेल स्टेन ने अपना आखिरी IPL मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए 2019 में खेला था।

Dale Steyn and Virat Kohli during their RCB days in the IPL. (Photo by Cameron Spencer – GCV/GCV via Getty Images)
Dale Steyn and Virat Kohli during their RCB days in the IPL. (Photo by Cameron Spencer – GCV/GCV via Getty Images)

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने 31 अगस्त 2021 को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया। डेल स्टेन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 699 खिलाड़ियों को अपना शिकार बनाया। साल 2019 में स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था जिसके बाद वो सफेद गेंद वाले प्रारूप में खेल रहे थे और उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला टी-20 के रूप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फरवरी 2020 में खेला था। पिछले कुछ वर्षों से स्टेन चोट की वजह से लगातार टीम से अंदर-बाहर होते रहे लेकिन चोटिल के होने के बावजूद उन्होंने हर बार दमदार वापसी की थी।

सचिन और पोंटिंग को लेकर स्टेन का बयान

संन्यास की घोषणा के बाद डेल स्टेन ने सचिन तेंदुलकर और रिकी पोंटिंग की शानदार बल्लेबाजी के लिए उनकी सराहना की है। पूर्व तेज गेंदबाज ने अच्छी गेंदों पर भी उनके द्वारा शानदार तरीके से शॉट खेलने की क्षमता के बारे में बात की। साउथ अफ्रीका क्रिकेटमैग से बातचीत करने के दौरान डेल स्टेन ने कहा कि “सचिन तेंदुलकर और रिकी पोंटिंग उम्दा बल्लेबाज थे। उन्हें आपके कौशल के बारे में अच्छे से पता होता था। यही कारण था कि वो और अच्छे से तैयार होकर आते थे और बिना आउट हुए मैच आपके हाथ से ले जाते थे।”

भारत में खेलने के अनुभव पर स्टेन ने क्या कहा?

डेल स्टेन ने भारत में खेलने को लेकर अपना अनुभव साझा करते हुए काफी कुछ कहा। 38 वर्षीय स्टेन ने अपना आखिरी IPL मुकाबला साल 2019 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेला था। स्टेन ने कहा, “भारत दीवाना है। यहां पर आपको खेलते वक्त रॉकस्टार वाली भावना मिलती है। आपके साथ इस देश में हॉलीवुड, बॉलीवुड स्टार जैसा व्यवहार किया जाता है। भारत क्रिकेट के पीछे दीवाना है। आप एयरपोर्ट पर हों या कहीं और, आपको 10 हजार लोग हमेशा देखने के लिए मौजूद रहते हैं। हालांकि, मुझे संदेह है कि इस तरह का अनुभव मुझे अपने जीवन में फिर कभी मिलेगा या नहीं।”