100वें टेस्ट में मिला बतौर कप्तान खेलने का ऑफर लेकिन विराट कोहली ने इसे दिया ठुकरा - क्रिकट्रैकर हिंदी

100वें टेस्ट में मिला बतौर कप्तान खेलने का ऑफर लेकिन विराट कोहली ने इसे दिया ठुकरा

विराट कोहली ने कप्तान के तौर पर 40 टेस्ट मैचों में जीत हासिल की है।

Virat Kohli. (Photo by Gareth Copley/Getty Images)
Virat Kohli. (Photo by Gareth Copley/Getty Images)

15 जनवरी की शाम को विराट कोहली ने अचानक सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए टेस्ट फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद जहां सभी को एकतरफ उनके इस फैसले से हैरानी हुई वहीं यह भी एक बात समझ से परे थी कि वह अपने 100वें टेस्ट मैच से सिर्फ 1 कदम दूर थे और ऐसे में यह फैसला करना हैरानी भरा रहा है।

विराट कोहली के इस फैसले के पीछे की वजह पिछले कुछ महीनों में उनके और BCCI के बीच दिखी अनबन के अलावा साउथ अफ्रीका में टीम को टेस्ट सीरीज में मिली 2-1 से हार को माना जा रहा है। हालांकि अब यह भी खबर सामने निकलकर आ रही है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोहली को फेयरवेल टेस्ट बतौर कप्तान ऑफर किया था, लेकिन उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया।

बता दें कि 33 साल के विराट कोहली ने टी-20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद इस छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी को छोड़ दिया था। जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे की कप्तानी से भी हटा दिया जिसको लेकर काफी बवाल भी देखने को मिला था। अब उनका अचानक टेस्ट फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने के फैसले से सभी बोर्ड को भी काफी बड़ा झटका लगा है।

हिंदुस्तान टाइम्स को एक सीनियर BCCI ऑफीशियल ने अपने बयान में जानकारी देते हुए बताया कि, कोहली को बतौर कप्तान फेयरवेल मैच का ऑफर बोर्ड की तरफ से दिया गया था जो बेंगलुरु के मैदान में खेला जाना है। जिसमें वह एक तरह से उनका दूसरा घरेलू मैदान कहा जाता है। लेकिन कोहली ने इस ऑफर को लेकर अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई।

जिसमें कोहली ने इस ऑफर को लेकर अपने जवाब में कहा कि, एक मैच से कोई अधिक फर्क नहीं पड़ने वाला, मैं इस तरह से नहीं सोचता हूं। जिसके बाद यह तय हो गया कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान विराट कोहली ने अपनी इस जिम्मेदारी का अंत टेस्ट सीरीज हार के साथ किया है। वहीं इस बड़े फैसले को लेने से पहले कोहली ने टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ से भी बात की थी।

मैने हमेशा 120 फीसदी टीम के लिए देने का प्रयास किया है

कोहली ने जिस समय टेस्ट कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी सभी को दी तो उसमें उन्होंने एक बयान भी जारी किया था। जिसमें उनके 7 साल तक बतौर टेस्ट कप्तान के तौर पर उस सफर को भी दर्शाने की कोशिश की गई। क्योंकि वह भारतीय क्रिकेट के अभी तक के इस फॉर्मेट के सबसे सफल टेस्ट कप्तान साबित हुए हैं।

उन्होंने अपने बयान में BCCI को इस जिम्मेदारी को सौंपे जाने को लेकर धन्यवाद देने के साथ पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री और धोनी का भी शुक्रिया अदा किया है। साल 2014 दिसंबर में जब धोनी ने इस फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था उसके बाद कोहली को ही टीम का अगला कप्तान नियुक्त किया गया था और उस टीम रैंकिंग में 7वें स्थान पर थी, जिसमें अब टीम पहले स्थान पर काबिज है।