मुझे केएल राहुल से 100 गुना ज्यादा बुरा लगता है जब कोई उनको ट्रोल करता है: सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी ने कहा कि जब तमाम लोग सोशल मीडिया पर केएल राहुल को ट्रोल करते हैं तब भारतीय क्रिकेटर से ज्यादा उन्हें बुरा लगता है।
अद्यतन - Dec 13, 2023 4:08 pm

बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सुनील शेट्टी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने दामाद और भारतीय क्रिकेट केएल राहुल के साथ इमोशनल बॉन्ड के बारे में खुलकर बात की। सुनील शेट्टी ने कहा कि जब तमाम लोग सोशल मीडिया पर केएल राहुल को ट्रोल करते हैं तब भारतीय क्रिकेटर से ज्यादा उन्हें बुरा लगता है। बता दें, सुनील शेट्टी की बेटी और प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री अथिया शेट्टी ने केएल राहुल के साथ इसी साल शादी की।
सुनील शेट्टी ने यह भी बताया कि कैसे केएल राहुल तमाम आलोचकों के साथ डील करते हैं। दरअसल भारतीय टीम इस समय दक्षिण अफ्रीका दौरे में है और इस समय टीम मेजबान के खिलाफ तीन मैच की टी-20 सीरीज खेल रही है।
इस टी-20 सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज होनी है जिनकी कप्तानी केएल राहुल करेंगे। केएल राहुल को वनडे टीम का कप्तान इसलिए नियुक्त किया गया है क्योंकि रोहित शर्मा को लिमिटेड ओवर्स सीरीज में आराम दिया गया है और वह टेस्ट सीरीज में टीम में वापसी करेंगे।
ANI से बात करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि, ‘तमाम लोगों को केएल राहुल पर पूरा भरोसा है और साथ ही कप्तान के भी भरोसे को देखकर आप यह कह सकते हैं कि वो बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं। मुझे केएल राहुल और अथिया शेट्टी से 100 गुना ज्यादा बुरा लगता है जब कोई राहुल को ट्रोल करता है तो। उन्होंने मुझसे कहा था कि मुझे बोलने की कोई जरूरत नहीं है मेरा बल्ला ही तमाम आलोचकों की बोलती बंद करेगा।’
मैं केएल राहुल का फैन था: सुनील शेट्टी
एक पुराने इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने इस बात का खुलासा किया था कि केएल राहुल के ससुर बनने से पहले वो उनके बहुत बड़े फैन थे। उन्होंने कहा था कि, ‘मुझे ससुर की भूमिका निभाई नहीं आती है मैं उनका फैन था। अब हमारे बीच एक रिश्ता बन चुका है लेकिन जब वो युवा खिलाड़ी थे तब मुझे उनकी बल्लेबाजी को देखना काफी अच्छा लगता था। जब मैं अपने अभिनय करियर के टॉप पर था तब भी मैं वानखेड़े में युवा खिलाड़ियों को देखने जाता था।
जब मैंने राहुल को खेलते हुए देखा तब मेरे दिमाग में यही आया कि यह काफी अच्छा खिलाड़ी है। वो भी Manglore से हैं और मुझे यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि छोटे शहर से आकर बच्चे काफी बड़ी चीज़ें अपने नाम कर रहे हैं।’