'आ रहा है, वो भी आ रहा है'- अपने टेस्ट डेब्यू को लेकर बोले सूर्या - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘आ रहा है, वो भी आ रहा है’- अपने टेस्ट डेब्यू को लेकर बोले सूर्या

सूर्यकुमार यादव ने अभी तक भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है।

Suryakumar Yadav (Image Credit- Twitter)
Suryakumar Yadav (Image Credit- Twitter)

भारतीय टीम के विस्फोटक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव के बल्ले से एक बार फिर विस्फोट देखने को मिला। कल 20 नवंबर को सूर्यकुमार यादव का शिकार बने कीवी गेंदबाज और मैदान था बे ओवल स्टेडियम, माउंट माउंगनुई का, जहां भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया।

इस मैच को टीम इंडिया ने सूर्यकुमार यादव के शानदार प्रदर्शन की बदौलत 65 रनों से जीत लिया था। और सीरीज टी-20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। बता दें कि मैच में सूर्यकुमार ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए मात्र 49 गेंदो में अपने T20I करियर का दूसरा शतक लगाया।

सूर्यकुमार ने कुल 51 गेंदो में 111 रनों की नाबाद पारी खेली और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 217.65 का रहा। सूर्यकुमार के इस शतक की तारीफ दुनिया भर में मौजूद क्रिकेट फैंस ने की है। वहीं इस मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने अपने टेस्ट करियर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।

सूर्यकुमार यादव का बड़ा बयान

बता दें कि न्यूजीलैंड के खिलाफ ये टी-20 मैच जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया है। सूर्यकुमार ने कहा अपने टेस्ट डेब्यू को लेकर कहा कि, आ रहा है वो भी आ रहा है।

इसके अलावा सूर्यकुमार यादव ने कहा कि जब हम क्रिकेट खेलना शुरू करते हैं तो हम लाल गेंद से शुरू करते हैं और मैंने अपनी मुंबई टीम के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी खेला है, यह बहुत अच्छा था। इसलिए मुझे टेस्ट क्रिकेट के बारे में काफी जानकारी है और मुझे उस प्रारूप को खेलने में भी मजा आता है। उम्मीद है कि मुझे टेस्ट कैप जल्द ही मिल जाएगी।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सूर्यकुमार यादव ने कहा कि मैं हमेशा अपने पास्ट में जाता रहता हूं। जब मैं अपने कमरे में होता हूं या जब मैं अपनी पत्नी के साथ जर्नी कर रहा होता हूं, तो हम बात करते रहते हैं कि दो-तीन साल पहले स्थिति कैसी थी।

अब क्या स्थिति है, तब से अब क्या बदल गया है हम उस समय की बात करते रहते हैं। जाहिर है, उस समय थोड़ी हताशा थी क्योंकि मुझे उस समय से निकलना था, कुछ पाॅजिटिव हो जिससे मैं उस समय से निकल सकूं। साथ ही हम इस पर भी चर्चा करते रहते हैं कि मैं एक बेहतर क्रिकेटर कैसे बन सकता हूं और एक कदम कैसे आगे जाना है।