चेतेश्वर पुजारा को मिला संजय मांजरेकर का साथ लेकिन रहाणे अभी भी प्लान से बाहर
रहाणे और पुजारा हाल के दक्षिण अफ्रीका दौरे में सिर्फ एक-एक अर्धशतक ही बना पाए।
अद्यतन - जनवरी 26, 2022 9:32 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट फैंस के मन में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि टेस्ट क्रिकेट के दो दिग्गज चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे भविष्य अब क्या होगा। ये दोनों एक तरह से टीम मैनेजमेंट के गले में फंसी हड्डी बन चुके है और कप्तान से लेकर टीम मैनेजमेंट तक हर कोई ये नहीं समझ पा रहा है कि इन दोनों को आगे मौका मिलना चाहिए या नहीं।
विराट कोहली की कप्तानी वाला भारतीय टीम मैनेजमेंट काफी कंजरवेटिव रहा था और उन्होंने इन्फॉर्म खिलाड़ी की जगह रहाणे-पुजारा के अनुभव को अधिक तवज्जों दी। लेकिन ये अनुभव एक दो पारी में काम आता है, फिर वही पुरानी कहानी दोहराई गई। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में ये दो बल्लेबाज तब खामोश होते रहे जब टीम को इनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी और उनकी पारी हार और जीत के बीच फर्क पैदा कर सकता था।
पुजारा को मिला मांजरेकर का साथ, लेकिन रहाणे को लेकर कही यह बात
हालांकि इस बीच रहाणे और पुजारा के फ्यूचर को लेकर, भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने बताया है कि वह भारतीय सेलेक्टर होते तो रहाणे दो साल पहले ही उनके प्लान से बाहर हो चुके होते। हालांकि मांजरेकर का मानना है कि पुजारा में थोड़ी जान बाकी है।
News 18 के साथ एक बातचीत के दौरान मांजरेकर ने कहा कि, “आप देखिए वह किस तरह से बैटिंग करते और आउट होते हैं। आप कोहली को देखिए वह भी शतक नहीं कर पा रहे हैं लेकिन वह 70 के आसपास रन करके देते रहते हैं। कोहली की फॉर्म वापस आने से पहले भी आपको उनके टीम में होने का फायदा हो रहा है। तो मेरे लिए रहाणे की टीम में भूमिका अब पूरी हो चुकी है।”
संजय मांजरेकर ने पुजारा को सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि, “पुजारा दिलचस्प है, वह 100 टेस्ट मैचों के करीब आ गए हैं। उन्हें बाहर करने के लिए चयनकर्ताओं को थोड़ा सोचना होगा। मेरे पास व्यक्तिगत रूप से रहाणे की तुलना में पुजारा के लिए ज्यादा समय है। यह उनके बल्लेबाजी करने के तरीके को देखने से है। कोई अन्य कारण नहीं। मुझे लगता है कि पुजारा में अभी कुछ खेल बचा है। लेकिन रहाणे.. अगर मैं चयनकर्ता होता तो 2 साल पहले ही वह मेरी योजना से बाहर हो जाते।”