एडिलेड में 36 रनों पर ऑलआउट होने के बाद भारतीय टीम कुछ दिनों तक सदमे में थी: रवि शास्त्री - क्रिकट्रैकर हिंदी

एडिलेड में 36 रनों पर ऑलआउट होने के बाद भारतीय टीम कुछ दिनों तक सदमे में थी: रवि शास्त्री

पिछले साल एडिलेड में पिंक बॉल टेस्ट मैच के दौरान भारत की टीम 36 रनों पर ऑलआउट हो गई थी।

Ravi Shastri. (Photo by Adam Davy/PA Images via Getty Images
Ravi Shastri. (Photo by Adam Davy/PA Images via Getty Images

भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने एडिलेड में गुलाबी गेंद के टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम के 36 ऑलआउट होने को लेकर बड़ा बयान दिया है। विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम  टेस्ट मैच में शुरुआती दो दिनों के खेल में काफी आगे थी और पहली पारी के आधार पर बढ़त भी हासिल कर ली थी।

लेकिन जब दूसरी पारी में जोश हेजलवुड ने गेंद को स्विंग कराना शुरू किया तो सब कुछ उल्टा हो गया। शास्त्री ने कहा कि उस पारी में अब तक के सबसे कम टेस्ट स्कोर पर आउट होने के बाद भारतीय टीम “कुछ दिनों के लिए” सदमे में चली गई थी।

उस शर्मनाक पारी के बारे में बोलते हुए रवि शास्त्री ने कहा कि, “देखो, कोच फायरिंग लाइन में है, इसमें कोई विकल्प नहीं है। यही काम की विडंबना है। आपको पहले दिन से ही तैयार रहना होगा। मुझे पता था कि बचने का कोई रास्ता नहीं है। 36 ऑल आउट सबसे कम स्कोर था।”

36 ऑलआउट होने के बाद भारतीय टीम कुछ दिनों तक सदमें में थी: रवि शास्त्री

उन्होंने आगे कहा कि, “हमारे पास नौ विकेट थे और फिर हमें 36 रन पर समेट दिया गया। हमें उस मैच में बने रहने के लिए बस इतना करना था कि स्कोर में 80 से अधिक रन जोड़ने थे। हम सब सुन्न हो गए थे। हम कई दिनों तक सदमे की स्थिति में थे। हम समझ नहीं पाए कि ऐसा कैसे हो गया?”

एडिलेड की उस शर्मनाक प्रदर्शन के बावजूद, भारत उस सीरीज को और 2-1 से  जीतने में कामयाब रहा। तीन टेस्ट के दौरान, व्यक्तिगत कारणों और चोटों के कारण विराट कोहली, रवि अश्विन, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे प्रमुख खिलाड़ी टीम के साथ नहीं थे। इस दौरान उन्होंने एडिलेड टेस्ट के बाद खिलाड़ियों से कहा कि वो इस पर ध्यान दें कि वो क्या कर सकते हैं।

शास्त्री ने आगे कहा कि, “मैंने लड़कों से कहा कि वो इस पर ध्यान दें कि वो क्या कर सकते हैं। फिर जो हमारे लड़कों ने किया वह अविश्वसनीय था। 36 ऑल आउट के एक महीने बाद, 19 जनवरी को हमने सीरीज जीती थी। मैं अब भी सोच रहा हूं कि ऐसा कैसे हो गया? मैं वादा करता हूं, जब तक मैं जीवित रहूंगा, लोग उस सीरीज जीत के बारे में बात करेंगे।”