Ashes 2025-26: स्टीव स्मिथ ने पिंक बॉल की चमक से निपटने के लिए आई ब्लैक स्ट्रिप्स का लिया सहारा
दूसरा टेस्ट 4 दिसंबर को ब्रिस्बेन में शुरू होगा और ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 1-0 से आगे है।
अद्यतन - दिसम्बर 1, 2025 1:34 अपराह्न

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने एशेज सीरीज के दूसरे टेस्ट से पहले एक नया प्रयोग किया है। ब्रिस्बेन में होने वाले डे-नाइट पिंक बॉल टेस्ट के लिए स्मिथ ने प्रैक्टिस के दौरान अपनी आँखों के नीचे काले रंग की पट्टियाँ लगाई थीं। यह मैच 4 दिसंबर से शुरू होगा और ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 1-0 से आगे है।
स्मिथ ने यह तरीका पूर्व वेस्टइंडीज बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपाल से प्रेरित होकर अपनाया है, जो पहले भी ऐसी काली पट्टियाँ इस्तेमाल करते थे। यह स्ट्रिप्स रोशनी की चमक को कम करने के लिए लगाई जाती हैं ताकि खिलाड़ी को गेंद साफ दिख सके, खासकर फ्लडलाइट्स में।
पिंक बॉल में संघर्ष, स्मिथ की औसत हुई कम
स्टीव स्मिथ का पिंक बॉल टेस्ट रिकॉर्ड उतना अच्छा नहीं रहा है। वे अब तक 24 डे-नाइट टेस्ट पारियों में केवल एक शतक लगा पाए हैं और उनका औसत 37.04 रहा है। वहीं सामान्य टेस्ट में उनका औसत 58.31 है और 35 शतक शामिल हैं। इसलिए स्मिथ मानते हैं कि पिंक बॉल से खेलना काफी कठिन होता है।
स्मिथ ने कहा था कि पिंक बॉल से खेलना पूरी तरह अलग गेम जैसा है। दिन के कुछ समय गेंद को देख पाना मुश्किल होता है और इसकी हरकत भी लाल गेंद से अलग होती है। बैटर्स के लिए यह बहुत चुनौतीपूर्ण है।
स्ट्रिप्स कई अमेरिकन स्पोर्ट्स में आम हैं। ये चेहरे की चमक को 60-70% तक कम कर देती हैं, ताकि खिलाड़ी की आँखों पर तेज रोशनी न पड़े। चंद्रपाल ने भी बताया था कि जब बहुत चमक होती थी, मैं इसे लगाता था और इससे बहुत मदद मिलती थी।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक ने भी पिंक बॉल टेस्ट की कठिनाई बताई। उन्होंने कहा कि पिंक बॉल की काली सीम फ्लडलाइट्स में दिखाई नहीं देती, जिससे बैटर्स गेंद की स्विंग का अंदाजा नहीं लगा पाते। यदि सीम दिखाई नहीं दे रही हो तो बल्लेबाज मुश्किल में पड़ जाता है।
स्टीव स्मिथ चाहते हैं कि डे-नाइट टेस्ट में उनकी परफॉर्मेंस बेहतर हो और इसलिए वे नई तकनीक अपनाकर तैयारी कर रहे हैं। पिंक बॉल टेस्ट फैंस के लिए रोमांचक हैं लेकिन बल्लेबाजों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण।