भारतीय क्रिकेट टीम से अलग होना चाहते हैं रयान टेन डोशेट, गंभीर के फैसले का इंतजार
अगर बोर्ड और मुख्य कोच गौतम गंभीर इसकी मंजूरी दे देते हैं, तो 19 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा और अंतिम वनडे उनके कार्यकाल का आखिरी मुकाबला हो सकता है।
अद्यतन - जुलाई 15, 2026 10:37 पूर्वाह्न

भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट जल्द ही अपने पद से अलग हो सकते हैं। खबरों के अनुसार, उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अपनी इच्छा से अवगत करा दिया है और जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध भी किया है।
अगर बोर्ड और मुख्य कोच गौतम गंभीर इसकी मंजूरी दे देते हैं, तो 19 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा और अंतिम वनडे उनके कार्यकाल का आखिरी मुकाबला हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक, टेन डोशेट का यह फैसला किसी असंतोष या टीम के माहौल से जुड़ा नहीं है। वह पूरी तरह निजी कारणों से यह कदम उठाना चाहते हैं। उनकी पत्नी लंदन में काम करती हैं और उनके तीन छोटे बेटे हैं, जिन्हें इस समय उनकी जरूरत है।
भारतीय टीम के साथ लगातार यात्राओं और लंबे विदेशी दौरों के कारण वह परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। यही वजह है कि वह अब ऐसी भूमिका चाहते हैं, जिसमें यात्रा कम हो और परिवार के साथ अधिक समय बिताया जा सके।
रयान टेन डोशेट की विशेषज्ञता फील्डिंग कोचिंग में मानी जाती है, लेकिन भारतीय टीम में पहले से टी. दिलीप फील्डिंग कोच की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में टेन डोशेट की जिम्मेदारियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं थीं और उनकी विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल भी नहीं हो पा रहा था। माना जा रहा है कि यह भी उनके फैसले की एक वजह हो सकती है।
गौतम गंभीर के करीबी माने जाते हैं टेन डोशेट
रयान टेन डोशेट और गौतम गंभीर के बीच काफी अच्छे पेशेवर संबंध हैं। गंभीर ने ही दो साल पहले मुख्य कोच बनने के बाद उनका नाम BCCI को सुझाया था। दोनों ने लंबे समय तक साथ काम किया है और गंभीर कई मौकों पर उनकी तारीफ भी कर चुके हैं। ऐसे में यह भी संभावना है कि गंभीर उन्हें टीम के साथ बनाए रखने की कोशिश करें।
इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में फील्डिंग कोच टी. दिलीप के भी टीम छोड़ने की बात कही जा रही थी। हालांकि, अब यह साफ हो गया है कि वह भारतीय टीम के साथ बने रहेंगे। यानी अगर टेन डोशेट टीम से अलग होते हैं, तो कोचिंग स्टाफ में बदलाव सिर्फ सहायक कोच के पद पर देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजरें BCCI और गौतम गंभीर के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।