in

जानिए मोहम्मद शमी किस तरह इस मुकाम तक पहुंचे, शमी के संघर्ष की कहानी

मोहम्मद शमी की सफल गेंदबाज बनने की कहानी

Mohammed Shami. (Photo by Matt King/Getty Images)
Mohammed Shami. (Photo by Matt King/Getty Images)

मोहम्मद शमी ने अपनी शानदार बॉलिंग स्टाइल से भारतीय टीम ने अपनी जगह पक्की कर ली है। शमी ने अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप एक बार फिर प्रदर्शन कर टीम इंडिया के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही सीरीज में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में शमी ने अपने करियर के सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम को अकेले ही पैवेलियन लौटा दिया। पर्थ में खेले गए इस मैच में शमी
ने सिर्फ 56 रन देकर ऑस्ट्रेलिया के 6 बल्लेबाज आउट किए। इसी मैच में शानदार प्रदर्शन कर शमी ने किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा किसी एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

भारतीय क्रिकेट टीम में विकेट झटकने वाले तेज गेंदबाज के तौर पर अपने पैर जमा चुके मोहम्मद शमी एक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जो घरेलू क्रिकेट बंगाल की तरफ से खेलते है। शमी दाएं हाथ से मध्यम-तेज और सीम गेंद डालने वाले गेंदबाज हैं। उनकी गेंदबाजी लगातार 140 किमी/घंटा के आसपास की गति से डलती है जिससे वे अक्सर ही बल्लेजबाजों को चकमा दे देते हैं। उन्हें रिवर्स स्विंग का स्पेशलिस्ट भी माना जाता है।

कैसे शुरू हुआ शमी का क्रिकेट का सफर? कैसे उतार चढ़ाव से गुजरते हुए वे इस मुकाम पर पहुंचे? किन पर्सनल विवादों में घिरे शमी जिनकी आंच उनके क्रिकेट करियर पर भी आई और किस तरह वे बेदाग़ और पहले से ज्यादा चमक के साथ बाहर निकले, इन सभी बातों को जानिए।

जन्म और परिवार : किसान पिता ने छुपे तेज गेंदबाज़ ने बचपन से ही दिया आंखों में बॉलर बनने का सपना : 3 सितम्बर 1990 को जन्मे शमी की पारिवारिक जड़ें उत्तर प्रदेश के अमरोहा गांव से जुडी हैं। उनके पिता तौसीफ अली पेशे से किसान थे और अपने बचपन के दिनों में तेज गेंदबाज भी। शमी के तीनों भाई तेज गेंदबाज बनना चाहते थे। चार भाईयों के अलावा शमी की एक बहन भी है। शमी के पिता ने बचपन में ही शमी की काबिलियत पहचान ली और उन्हें गाँव से 22 किमी दूर मुरादाबाद क्रिकेट कोच बदरूदीन सिद्धकी से क्रिकेट खेलना सीखने भेज दिया।

क्रिकेट की शुरूआत : शमी की कुशलता से पहले ही कोच हुए प्रभावित : “जब मैंने उसे 15 साल की उम्र में नेट पर बॉलिंग की प्रेक्टिस करते देखा, मैं समझ गया था कि यह कोई साधारण लड़का नहीं है। ” बदरूदीन सिद्धकी (मोहम्मद शमी के पहले कोच), उनके कोच ने हमेशा शमी में एक नियमित और मेहनती खिलाड़ी पाया। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली। शमी की गेंद फेंकने की कुशलता पहचान उनके कोच ने उन्हें कोलकाता भेज दिया।

सौरव गांगुली ने पहचानी प्रतिभा : शमी को कोलकाता के टाउन क्लब के लिए चुन लिया गया। शमी की बॉलिंग अच्छी थी और उन्हें बंगाल अंडर-22 के लिए चुन लिया गया। शमी को बाद में मोहन बागान क्लब के लिए भेज दिया गया जहां उन्हें सौरव गांगुली के सामने बॉलिंग का मौका मिला। गांगुली ने शमी की प्रतिभा को पहचाना और उनका ख़ास ध्यान रखने की ताकीद सेलेक्टर्स को की। 2010 में शमी बंगाल रणजी टीम का हिस्सा बन चुके थे।

फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआत : घरेलू क्रिकेट में शमी की बेहतरीन गेंदबाजी का ही असर था कि उन्हें इंडिया ए, जिसे वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलना था, के लिए चुन लिया गया। इस मैच में शमी ने मैच जिताने वाली परफॉर्मेंस दी। उन्होंने 10वे विकेट के लिए चेतेश्वर पुजारा के साथ 73 रनों की साझेदारी की। रणजी ट्रॉफी के लिए 2012-13 में भी शमी ने हैदराबाद के खिलाफ 4/36 और 6/71 जैसा प्रदर्शन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश के खिलाफ मैच में 79 रन देकर 7 विकेट और 72 रन देकर 4 विकेट लिए।

आईपीएल में करियर : शमी को 2011 के आईपीएल टूर्नामेंट में कोलकाता नाइट नाइट राइडर्स (केकेआर) ने खरीदा। इसके कोच वसीम अकरम थे हालांकि शमी को कुछ ही मैचों में खेलने का मौक़ा मिला लेकिन टीम ने उन्हें रिटेन रखा और अगले साल भी अपने साथ खेलाया। 2014 में उन्हें 4.25 करोड़ रुपए जैसे ऊंचे दाम देकर दिल्ली डेयरडेविल्स ने खरीदा हालांकि टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा लेकिन शमी को 2015 के लिए भी रिटेन किया गया। 2019 के आईपीएल के लिए शमी को किंग्स इलेवन पंजाब ने खरीदा है।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर : घरेलू क्रिकेट में बढ़िया प्रदर्शन के कारण शमी को भारतीय टीम का हिस्सा पहली बार 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ बनाया गया। भारत ने यह मैच 10 रन से जीता जिसमें शमी ने 9 ओवर में 23 रन देकर 1 विकेट झटकने जैसी साफ़ सुथरी परफॉर्मेंस दी। शमी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में टीम का हिस्सा बनाया गया। जिसमें पहले तीन मैचों में बैंच पर बैठने के बाद उन्हें चौथे मैच में खेलाया गया जिसमें उन्होंने तीन विकेट लिए। न्यूजीलैंड के खिलाफ 2014 में एक सीरीज में शमी ने 28.72 के औसत से 11 विकेट लिए। इंग्लैंड के खिलाफ एक सीरीज में शमी के बढ़िया प्रदर्शन के बाद क्रिकेट के जानकार उन्होंने भारतीय गेंदबाजी का भविष्य मानने लगे।

टेस्ट क्रिकेट में शुरुआत : टेस्ट क्रिकेट में शमी के करियर की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ 2013 में हुई। जिसमें शमी ने दोनों पारियों में कुल 118 रन देकर 9 विकेट लिए जो किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा अपने पहले मैच में सबसे शानदार प्रदर्शन था।

पर्सनल लाइफ में विवाद : मार्च 9, 2018 को शमी और उनके परिवार के खिलाफ उनकी पत्नी हसीन जहां ने घरेलू हिंसा और व्यभिचार की शिकायत दर्ज कराई। शमी पर उनकी पत्नी ने हत्या, बलात्कार और अफेयर के आरोप भी लगाए। हसीन जहां ने शमी पर मैच फिक्सिंग में शामिल होने का भी आरोप लगाया। बीसीसीआई ने इन आरोपों के बाद शमी के साथ खेल से जुड़े कांट्रेक्ट जाहिर नहीं किए। शमी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप हटने के बाद ही सभी कांट्रेक्ट लागू कर दिए गए।

Aaron Finch

सीरीज़ हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया को हुए 5 बड़े नुकसान, नंबर 3 से निपटना होगा सबसे बड़ी चुनौती

Rishabh Pant and Lokesh Rahu

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया की सफलता का इस आईपीएल टीम को हो सकता है सबसे ज्यादा फायदा