जल्द ही बायो बबल को लेकर BCCI लेगा बड़ा फैसला, खिलाड़ियों को मिलेगी राहत!
आईपीएल खत्म होने के बाद भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगा।
अद्यतन - Apr 26, 2022 1:40 pm

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी पांच मैचों की घरेलू T20I सीरीज में खिलाड़ियों को किसी क्वारंटाइन से नहीं गुजरना होगा और न ही उन्हें बायो-बबल के तहत रहना होगा। कोविड -19 के दुनिया में आने के बाद से खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बायो-बबल को लागू किया गया है, लेकिन इसने खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को अत्यधिक प्रभावित किया है और कई खिलाड़ियों ने खुद को क्रिकेट से दूर भी कर लिया है।
देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति के कारण आईपीएल 2020 और आईपीएल 2021 के दूसरे भाग को यूएई में स्थानांतरित करना पड़ा, लेकिन वर्तमान स्थिति पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। इस वक्त खेले जा रहे आईपीएल 2022 संस्करण में भारत में स्टेडियम के अंदर दर्शकों को आने की अनुमति दी गई थी, लेकिन फिर भी, खिलाड़ियों को बायो-बबल में रहने का निर्देश दिया गया है। हालांकि इस दौरान क्वारंटाइन के दिनों की संख्या में काफी कमी आई है और खिलाड़ियों के लिए भी प्रतिबंध धीरे-धीरे कम होने लगे हैं।
लगातार बायो बबल में रहने से खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर फर्क पड़ता है- बीसीसीआई सूत्र
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी T20I के लिए कोई बायो-बबल या क्वारंटाइन नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कैसे खिलाड़ी मौजूदा आईपीएल के लिए लगातार दो महीने तक बायो बबल में रह कर थक गए हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी-20 सीरीज आईपीएल 2022 खत्म होने के बाद 9 जून से शुरू होगी।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि, ‘अगर सब कुछ सही रहा और चीजें अभी की तरह नियंत्रण में रहीं तो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के दौरान जैविक रूप से सुरक्षित माहौल और कड़ा क्वारंटीन नहीं होगा।’ उन्होंने कहा, ‘इसके बाद हम आयरलैंड और इंग्लैंड जाएंगे और इन देशों में भी कोई बायो बबल नहीं होगा।”
कुछ खिलाड़ियों को समय-समय पर ब्रेक मिला है, लेकिन अगर आप बड़ी तस्वीर देखें, तो बायो-बबल में एक के बाद एक सीरीज में रहना और अब आईपीएल के दो महीने खिलाड़ियों के लिए इतने कड़े प्रतिबन्ध के साथ रहना यह बस थकाऊ हैं।”